देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा पर शुरू की गई देहरादून से अमृतसर और टनकपुर के लिए वोल्वो बस सेवाएं महज कुछ समय में ही ठप हो गई हैं। यात्रियों की कम संख्या, बसों की उपलब्धता में कमी और आर्थिक घाटे के चलते उत्तराखंड परिवहन निगम ने इन सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया है। अब निगम का पूरा ध्यान दिल्ली रूट पर वोल्वो बस संचालन को बनाए रखने पर है।
अमृतसर सेवा की शुरुआत सिख समुदाय की विशेष मांग पर की गई थी। यह वोल्वो बस दून से रोज सुबह 10 बजे चलती थी और सहारनपुर, अंबाला, लुधियाना, जालंधर होते हुए अमृतसर पहुंचती थी। वापसी में यह बस अमृतसर से सुबह पांच बजे दून के लिए रवाना होती थी। गुरुवार को यह बस आखिरी बार चलाई गई और शुक्रवार से इसे बंद कर दिया गया।
टनकपुर के लिए भी पिछले डेढ़ साल से संचालित वोल्वो सेवा को इसी सप्ताह बंद कर दिया गया है। खास बात यह है कि अमृतसर वोल्वो सेवा ने रेल सेवा के मुकाबले कम समय में यात्रा पूरी कर यात्रियों को विकल्प दिया था। लाहौरी एक्सप्रेस जहां अमृतसर तक 12 घंटे का समय लेती है, वहीं वोल्वो बस यह दूरी साढ़े 10 घंटे में तय कर रही थी।
दिल्ली रूट पर संकट, अन्य बसें की जा रही शिफ्ट
वर्तमान में दिल्ली रूट ही ऐसा है जिसे परिवहन निगम हर हाल में बनाए रखना चाहता है। दिल्ली के लिए दो वोल्वो बसों का अनुबंध गुरुवार को समाप्त हो गया है। ऐसे में अमृतसर और टनकपुर से हटाई गई बसों को अब दिल्ली रूट पर लगाया जाएगा। दिल्ली मार्ग पर भी यात्री भार और अनुबंध की सीमाओं को देखते हुए निगम को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तराखंड परिवहन निगम के इस निर्णय से साफ है कि फिलहाल निगम घाटे वाले मार्गों पर सेवाएं जारी रखने की स्थिति में नहीं है और सीमित संसाधनों को केवल व्यावसायिक रूप से लाभकारी मार्गों पर केंद्रित किया जा रहा है।





