हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह हुई भगदड़ की असल वजह को लेकर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हादसा बिजली का तार टूटने या करंट लगने से नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में एक व्यक्ति के फिसलने से हुआ था।
महंत रवींद्र पुरी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि “यह घटना करंट लगने की नहीं है और अब तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि वहां बिजली का कोई तार गिरा हो।” उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि मनसा देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन मार्ग हैं – एक रोपवे, एक वाहन मार्ग और हर की पौड़ी से जुड़ा एक पारंपरिक पैदल मार्ग। रविवार को मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद तीनों मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन भीड़ फिर भी नियंत्रण से बाहर हो गई। इसी दौरान एक व्यक्ति के फिसलने से भगदड़ की स्थिति बन गई।
महंत रवींद्र पुरी के अनुसार, जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, मंदिर प्रशासन और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया।
उन्होंने यह दोहराया कि “यह हादसा अफवाह या करंट के कारण नहीं हुआ है। मंदिर परिसर में किसी भी तरह के बिजली से जुड़े खतरे के संकेत नहीं मिले हैं। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि घायलों और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाए।”
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