हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मृतकों में एक आठ वर्षीय बच्चा भी शामिल है, जो बरेली से माता के दर्शन करने आया था।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मंदिर के पैदल मार्ग पर बिजली का तार टूटने की अफवाह फैल गई, जिससे श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और देखते ही देखते भगदड़ मच गई।
घटना के तुरंत बाद मंदिर परिसर को खाली कराया गया और कई श्रद्धालुओं को अचेत अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, दिए राहत व जांच के आदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा,
“हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। मैं लगातार प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति की निगरानी कर रहा हूं। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के कुशल होने की प्रार्थना करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं, ताकि हादसे के असली कारणों की तह तक पहुंचा जा सके।
स्थिति पर नजर, जांच जारी
घटना के बाद मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अफसरों की टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है।
यह हादसा एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और अफवाहों से निपटने की तैयारी पर सवाल खड़े करता है।
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