हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार को हुई भगदड़ का कारण अब सामने आ गया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, भगदड़ करंट फैलने की अफवाह के चलते मची। जैसे ही अफवाह फैली, श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए एक-दूसरे पर चढ़ते चले गए, जिससे हालात बेकाबू हो गए।
इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। पुलिस प्रशासन ने भी मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। घायलों को मेला अस्पताल और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
घायलों ने बताया हादसे का भयावह दृश्य
मेला अस्पताल में भर्ती कुछ घायलों ने हादसे की जो तस्वीर बयां की, वह दिल दहला देने वाली है। हिमाचल प्रदेश के बद्दी से आईं रीना देवी दास, फरीदाबाद निवासी कुलदीप कुमार प्रजापति, उनकी पत्नी आरती, भाई जितेंद्र और साली गायत्री देवी ने बताया कि घटना उस वक्त हुई जब मंदिर के पैदल मार्ग पर चढ़ने और उतरने वालों की भीड़ बेकाबू हो गई।
अचानक हुई धक्का-मुक्की में कई लोग नीचे गिर गए और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और कई श्रद्धालु जमीन पर दब गए, जिससे कई गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रशासन ने की पुष्टि, जांच जारी
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है कि करंट फैलने की अफवाह किसने और कैसे फैलाई।
यह घटना सावन माह की भीड़भाड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को उजागर करती है। फिलहाल मंदिर परिसर में हालात सामान्य कर दिए गए हैं, लेकिन हादसे की गूंज श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के दिलों में अभी भी बनी हुई है।
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