देहरादून: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नजदीक आते ही अवैध शराब और नशा तस्करी के मामलों में तेजी देखी जा रही है। इसी क्रम में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। हिमाचल प्रदेश से देहरादून लाई जा रही 60 पेटी अवैध शराब को पकड़ते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई, दो तस्कर गिरफ्तार
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के निर्देशन में विभिन्न टीमों को पहले ही फील्ड में अलर्ट कर दिया गया था। इसी के तहत देहरादून में जनपदीय प्रवर्तन दल की प्रभारी प्रेरणा बिष्ट, सेक्टर एक के निरीक्षक शिव प्रसाद व्यास और सेक्टर दो के निरीक्षक विजेंद्र भंडारी की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कोटी कनासर क्षेत्र में पिकअप वाहन से शराब की पेटियां बरामद कीं। वाहन को सीज कर दिया गया है और दोनों तस्करों से पूछताछ जारी है। कार्रवाई में निरीक्षक वीरेंद्र कुमार और रीना रौथाण भी शामिल रहे।
एमडीएमए सिंडिकेट का भंडाफोड़, मुंबई से उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क
पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नशा तस्करों के एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है जो एमडीएमए जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ को मुंबई से उत्तराखंड की शांत पहाड़ियों में तैयार कर रहा था।
मुंबई से टनकपुर तक फैला नेटवर्क
गिरोह का सरगना कुनाल कोहली पहले मुंबई में भीम यादव, मोनू उर्फ ओम गुप्ता, बल्ली राम गुप्ता और नवीन नेपाली से जुड़ा था। जब वर्ष 2024 में मोनू गुप्ता और भीम यादव पर नार्कोटिक्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ, तो कुनाल उन्हें टनकपुर के गैंडाखाली ले आया। यहां नरेश शकारी और रोशन कोहली से मुलाकात के बाद गिरोह ने एकांत इलाके में एमडीएमए बनाने की योजना बनाई।
बनारस से गैंडाखाली और फिर सुवालेख तक
शुरुआत में मोनू गुप्ता ने बनारस में नशा बनाने की फैक्ट्री लगाई थी, लेकिन यूपी पुलिस की कार्रवाई के बाद वह टनकपुर भाग निकला। इसके बाद सुवालेख में एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में फैक्ट्री दोबारा शुरू की गई। यहीं पर 5 से 6 किलो एमडीएमए तैयार किया गया था।
मुंबई पुलिस के छापे के बाद नेपाल भागे आरोपी
गिरोह के सप्लायर बल्ली राम की मुंबई में गिरफ्तारी के बाद पूरा नेटवर्क हिल गया। 27 जून को पिथौरागढ़ स्थित फैक्ट्री पर मुंबई पुलिस ने छापा मारा, जहां से रसायन और उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद आरोपी कुनाल कोहली, मोनू गुप्ता, भीम यादव और राहुल अलग-अलग वाहनों से नेपाल फरार हो गए।
यह कार्रवाई उत्तराखंड में सक्रिय हो रहे नशे के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। चुनावों से पहले प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
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