बारिश के मौसम में बढ़े ब्रेन इन्फेक्शन के मामले, मस्तिष्क तक पहुंच रहा पैरासाइट बैक्टीरिया उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश ने वातावरण में नमी की मात्रा को बढ़ा दिया है, जिससे कई प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया और पैरासाइट्स तेजी से सक्रिय हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में एक खास तरह का पैरासाइट बैक्टीरिया तेजी से लोगों के शरीर में प्रवेश कर मस्तिष्क तक पहुंच रहा है, जो चेतना को प्रभावित कर रहा है।
हवा और संपर्क से शरीर में प्रवेश, मस्तिष्क तक संक्रमणडॉक्टरों का कहना है कि यह परजीवी बैक्टीरिया हवा में मौजूद होता है और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से शरीर में प्रवेश कर जाता है। एक बार रक्त प्रणाली के माध्यम से मस्तिष्क में पहुंचने पर यह चेतना को धीरे-धीरे निष्क्रिय करने लगता है। इससे पीड़ित मरीजों को सिरदर्द, उल्टी और लगातार बुखार जैसे लक्षण महसूस होते हैं, जो कुछ हफ्तों में गंभीर अवस्था में पहुंच सकते हैं।
ट्यूबरकुलर मैनिन्जाइटिस की पहचान, बढ़ती संख्या चिंताजनक दून अस्पताल के अनुसार, हर दिन औसतन सात से आठ मरीज इस संक्रमण के लक्षणों के साथ अस्पताल में पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों ने इसे ट्यूबरकुलर मैनिन्जाइटिस नामक मस्तिष्क संक्रमण के रूप में पहचान की है, जो मानसून के दौरान विशेष रूप से सक्रिय हो जाता है। मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पर्वतीय इलाकों से इसके ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
कान और नाक से भी मस्तिष्क तक पहुंच रहा संक्रमण चिकित्सकों का यह भी कहना है कि यह संक्रमण केवल हवा या स्पर्श से ही नहीं, बल्कि कान और नाक के रास्ते भी मस्तिष्क में प्रवेश कर सकता है। लंबे समय तक कान का संक्रमण इस बीमारी को और गंभीर बना देता है। यह बैक्टीरिया शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिससे यह अन्य संक्रमणों का कारण भी बन सकता है।
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