औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित और ठेका श्रमिकों को भविष्य निधि (PF) जैसी मूलभूत सामाजिक सुरक्षा सुविधा दिलाने के लिए भारतीय मजदूर संघ ने सख्त पहल की है। शुक्रवार को संगठन के महामंत्री सुमित सिंघल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ईपीएफओ क्षेत्रीय आयुक्त विश्वजीत सागर से भेंट कर श्रमिकों की स्थिति पर चिंता जताई और जरूरी कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हरिद्वार, रुद्रपुर, काशीपुर, पंतनगर, सितारगंज और देहरादून जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं, लेकिन कई प्रतिष्ठान और ठेकेदार उन्हें पीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित रख रहे हैं। कई जगह पीएफ नंबर ही नहीं दिए जा रहे या फर्जी अकाउंट बनाकर केवल कागजी कार्रवाई की जा रही है।
महिला और प्रवासी श्रमिकों की स्थिति और भी चिंताजनक है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सभी उद्योगों को PF अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत किया जाए, ठेका श्रमिकों को भी समान अधिकार दिए जाएं, और बिना पीएफ वाले श्रमिकों की पहचान के लिए संयुक्त सर्वे कराया जाए। इसके अलावा PF खाता ट्रांसफर, क्लेम और पासबुक की ऑनलाइन उपलब्धता को सरल और पारदर्शी बनाने की बात भी रखी गई।
इस पर क्षेत्रीय आयुक्त विश्वजीत सागर ने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें ऐसे सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी जो श्रमिकों को उनके अधिकारों से वंचित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग ई-नामिनेशन प्रक्रिया को सरल बनाने और श्रमिकों की सुविधा के लिए डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ करेगा।
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