उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्बेट टाइगर रिजर्व यात्रा के दौरान एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री जिस वाहन से सफारी पर गए थे, उसकी फिटनेस वैधता पांच साल पहले ही समाप्त हो चुकी थी। यह मामला इंटरनेट मीडिया पर सामने आते ही हड़कंप मच गया और राज्य सरकार ने त्वरित संज्ञान लिया।
मंगलवार को सोशल मीडिया पर इस चूक की तस्वीरें और जानकारी वायरल होने के बाद वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के उच्च अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की लापरवाही वीआईपी सुरक्षा मानकों के विरुद्ध है और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री धामी ने 6 जुलाई को रामनगर के पास कार्बेट टाइगर रिजर्व में सफारी का आनंद लिया था। लेकिन जिस जिप्सी वाहन में उन्हें सवारी कराई गई, उसकी फिटनेस की वैधता वर्ष 2019 में ही समाप्त हो गई थी। अधिकारियों की इस अनदेखी से मुख्यमंत्री की सुरक्षा को जोखिम में डाल दिया गया।
सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद संबंधित वाहन की फिटनेस आनन-फानन में नवीनीकृत कराई गई। अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री स्तर की सुरक्षा में इस तरह की लापरवाही कैसे हुई और जिम्मेदारी किसकी थी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह चूक लापरवाही थी या सिस्टम की गंभीर खामी।
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