चकराता के पास मंगलवार तड़के एक दर्दनाक हादसे में बोलेरो वाहन खाई में गिर गया, जिससे वाहन चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब चालक मरीज को अस्पताल पहुंचाकर वापस लौट रहा था और अचानक उसे झपकी आ गई। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया और शव को बाहर निकाल कर परिजनों को सौंपा।
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा बनियाना-मिंडाल मोटर मार्ग पर भंडाराथात (नुडाड़ी) के निकट सुबह लगभग चार बजे हुआ। वाहन चालक की पहचान सिचाड़ गांव निवासी 27 वर्षीय गजेंद्र सिंह पुत्र मातवर सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गजेंद्र सोमवार रात को अपनी बोलेरो से बनियाना गांव से एक महिला मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चकराता लेकर गए थे। मरीज को प्राथमिक उपचार दिलवाने के बाद वे उसे सुरक्षित वापस गांव छोड़कर खुद अपने घर की ओर लौट रहे थे।
लेकिन जैसे ही गजेंद्र भंडाराथात के पास पहुंचे, अचानक उन्हें झपकी आ गई और बोलेरो अनियंत्रित होकर लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, इसलिए कुछ घंटों तक किसी को इसकी जानकारी नहीं मिल पाई।
सुबह करीब नौ बजे जब कुछ ग्रामीण बनियाना गांव की ओर वाहन से जा रहे थे तो उन्होंने खाई में गिरी बोलेरो को देखा। तुरंत वे नीचे पहुंचे, लेकिन तब तक गजेंद्र की मृत्यु हो चुकी थी। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना चकराता पुलिस और एसडीआरएफ को दी। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ टीम प्रमुख आरक्षी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया।
पुलिस ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चकराता भेजा, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। थाना चकराता के दारोगा युद्धवीर सिंह ने बताया कि घटना की पूरी जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद सिचाड़ गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। गजेंद्र सिंह की असामयिक मृत्यु से परिजन और गांववासी गहरे सदमे में हैं। स्वजन ने बताया कि गजेंद्र की शादी दो साल पहले हुई थी और उसका एक वर्ष का छोटा बेटा है। गजेंद्र की यह आकस्मिक मृत्यु पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।








