दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भारत का तिरंगा लहराने वाले नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के प्रधानाचार्य कर्नल अंशुमान भदौरिया एक साहसिक अभियान के दौरान अचानक स्वास्थ्य संकट में आ गए। 23 मई को सफल आरोहण के बाद लौटते समय उन्हें कैंप तीन में हाई एल्टीट्यूड स्ट्रोक हुआ, जिससे वह बेहोश हो गए। तत्काल स्ट्रेचर के ज़रिए उन्हें कैंप दो लाया गया और फिर हेलीकॉप्टर के जरिए काठमांडू होते हुए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कर्नल भदौरिया, जो NIM, जिम (JIM) और हिम (HIM) के सात सदस्यीय दल का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने 60वीं वर्षगांठ पर एवरेस्ट फतह कर देश का गौरव बढ़ाया। उनके साथ प्रशिक्षक राकेश राणा, सूबेदार बहादुर पाहन, कर्नल हेम चंद्र सिंह, थुप्स्तन त्सेवांग, पासांग तेनजिंग शेरपा और राजेंद्र मुखिया भी इस ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा थे।
NIM के उप प्रधानाचार्य और मेडिकल ऑफिसर कैप्टन जी. संतोष कुमार ने जानकारी दी कि गंभीर हालात के चलते कर्नल भदौरिया को पहले ICU में रखा गया था, मगर अब उनकी स्थिति में सुधार है और उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है।
देश भर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। उनके नेतृत्व और साहस ने इस अभियान को ऐतिहासिक बना दिया, और अब पूरा देश उनके पूर्ण स्वस्थ होने की प्रतीक्षा कर रहा है।
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