उत्तराखंड सरकार अब वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती के लिए एक संयुक्त एकीकृत परीक्षा आयोजित करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बार-बार होने वाली परीक्षाओं से बचना, समय और सरकारी संसाधनों की बचत करना है। अब उम्मीदवारों को अलग-अलग विभागों के लिए अलग-अलग परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। एक ही परीक्षा के माध्यम से पुलिस, परिवहन, आबकारी, वन और अन्य विभागों में चयन संभव होगा।
इस नई प्रणाली में अभ्यर्थी आवेदन करते समय अपनी पसंद के विभागों को प्राथमिकता के आधार पर चुन सकेंगे। लिखित और शारीरिक परीक्षा के संयुक्त अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी, जिसके अनुसार चयन होगा। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि उम्मीदवारों को अपने इच्छित विभाग में सेवा देने का अवसर भी मिलेगा।
अभी तक की व्यवस्था में एक अभ्यर्थी कई परीक्षाएं देकर अलग-अलग विभागों में चयनित हो जाता था, जिससे जब वह पसंदीदा विभाग में जाता था तो पिछला पद रिक्त हो जाता था। इससे दोबारा भर्ती की आवश्यकता पड़ती थी। एकीकृत परीक्षा व्यवस्था से यह समस्या खत्म होगी और रिक्त पदों को समय पर भरा जा सकेगा।
इस नई प्रक्रिया को लागू करने के लिए सरकार नियमावली तैयार कर रही है। आरक्षी और उपनिरीक्षक स्तर की भर्तियों के लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश बनाए जा रहे हैं। सभी संबंधित विभागों से सहमति ले ली गई है और वे अपने रिक्त पदों का विवरण भेज रहे हैं। इसके बाद चयनित परीक्षा एजेंसी के माध्यम से परीक्षा आयोजित की जाएगी और उम्मीदवारों को प्राथमिकता के अनुसार विभाग आवंटित किए जाएंगे।
यह भी पढ़ें : अमृतसर में सुबह का सन्नाटा एक तेज धमाके से टूटा, मची अफरा-तफरी








