उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शुक्रवार रात प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया। तेज आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। बरसाती गदेरे उफान पर आ गए, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा स्कूटी और बाइकें मलबे के साथ बह गईं। अगस्त्यमुनि क्षेत्र का विजयनगर गदेरा इस तबाही का मुख्य केंद्र बना, जहां बारिश के बाद का मंजर किसी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं था।
बारिश की वजह से रुद्रप्रयाग के दरमोला गांव समेत कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ। कई घरों की छतें आंधी में उड़ गईं और गौशालाएं भी इसकी चपेट में आ गईं। घरों में रखे कीमती सामान बह गए, जिससे स्थानीय लोग सदमे में हैं। रातभर लोग अपने घरों की मरम्मत में लगे रहे और सुबह होते ही नुकसान का जायजा लेने में जुट गए।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राहत की उम्मीद नहीं जताई है। रुद्रप्रयाग, पौड़ी और नैनीताल जैसे पहाड़ी जिलों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।शनिवार को देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका जताई गई है। साथ ही मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया है।
इस प्राकृतिक आपदा ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जो वाहन और सामान बह गए, वे अब केवल यादें बनकर रह गए हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन मौसम के तेवर देखते हुए चिंता अभी टली नहीं है। स्थानीय लोग एक बार फिर पहाड़ों की कठोर और अनिश्चित जलवायु की मार झेल रहे हैं।
यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले की परतें खुलने लगीं, सरकार ने उठाया सख्त कदम






