देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रतिष्ठित राजपुर रोड स्थित मोरिसन मैमोरियल चर्च में ईस्टर के दिन प्रार्थना सभा के दौरान बड़ा बवाल हो गया। प्रार्थना में जुटे लोगों पर तेजधार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
घटना की शिकायत चर्च के पादरी विशाल चरन ने दी है, जो कि सेंट जेम्स चर्च एनफील्ड, विकासनगर के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि मोरिसन मैमोरियल चर्च आगरा डायोसिस (सीएनआई डायोसिस) के अधीन संचालित होता है और उसी के दिशा-निर्देशों में चर्च में सभी धार्मिक गतिविधियां संपन्न होती हैं।
ईस्टर पर शांति की जगह हंगामा
20 अप्रैल को ईस्टर का पर्व मनाया जा रहा था, जिसके तहत पादरी विशाल चरन और रैवरन एसपी लाल को प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए चर्च भेजा गया। लेकिन जब वे अन्य सदस्यों के साथ चर्च पहुंचे तो चर्च का मुख्य द्वार बंद मिला। आरोप है कि निर्मल जेकब ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर गेट को बंद कर रखा था और बार-बार अनुरोध के बावजूद गेट नहीं खोला।
कुछ देर बाद जब गेट खोला गया, तब पादरी और अन्य सदस्य अंदर गए। लेकिन वहां मौजूद निर्मल जेकब, कर्नल संजय वाशिंगटन, इशान डेविड वाशिंगटन, रजनी वाशिंगटन, रोहित बैंजीपन सिंह, आशीष मसीह, डॉ. सौरभ कुमार गुप्ता, समीर इमैनुअल डीकैस्टो, जैनेश पीटर और आशिमा चंद ने उन्हें वहां से चले जाने के लिए कहा। जब पादरी और उनके साथ मौजूद सदस्यों ने बिना सभा के लौटने से इनकार किया, तो सभी आरोपी भड़क गए।
प्रार्थना में पहुंचे लोगों पर तेजधार हथियारों से हमला
विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने पादरी और श्रद्धालुओं पर गाली-गलौच करते हुए तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में वंदना शेरिंग, सैंड्रा पल, पादरी विशाल चरन, स्टीफन सिंह, रिबैका सिंह और शैरी विल्सन गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
शहर कोतवाल चंद्रभान सिंह अधिकारी ने जानकारी दी कि पादरी की ओर से मिली शिकायत के आधार पर 11 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।








