उत्तराखंड के टिहरी जिले में एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां के GIC (राजकीय इंटर कॉलेज) मेदनीपुर में 12वीं कक्षा का पूरा बैच फेल हो गया है। जी हां, स्कूल की पूरी की पूरी 12वीं की क्लास एक भी पास नहीं हो सकी, जिससे बच्चों और उनके माता-पिता में काफी नाराज़गी है। इस खबर ने पूरे इलाके में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि इस स्कूल से इस साल 12वीं कक्षा के कुल 26 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी, लेकिन रिजल्ट में सभी फेल हो गए। न तो किसी का ग्रेस से पास होना हुआ और न ही कंपार्टमेंट में कोई मौका मिला। इससे बच्चों के सपनों पर तो पानी फिरा ही है, साथ ही अभिभावकों की मेहनत और उम्मीदें भी टूट गई हैं।
स्थानीय लोग और छात्रों के परिवार इस पूरे मामले को सिर्फ छात्रों की गलती नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ाई की गुणवत्ता बहुत खराब है। न तो समय पर क्लासेस लगती हैं और न ही टीचर्स की उपस्थिति नियमित होती है। कई बार तो पढ़ाई का जिम्मा सिर्फ गिनती के कुछ शिक्षकों पर ही रह जाता है, जिससे बच्चों की तैयारी अधूरी रह जाती है।
इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि अगर पूरे स्कूल की क्लास फेल हो रही है तो इसका जिम्मेदार कौन है – बच्चे, शिक्षक, या फिर सिस्टम? फिलहाल, शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच कराने की बात कही है।
इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई सामने रख दी है। यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की गंभीर खामी की ओर इशारा है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और इन छात्रों के भविष्य को सुधारने के लिए कौन कदम उठाए जाते हैं।
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