उत्तराखंड सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को राज्यभर में “तीन साल बेमिसाल” थीम पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक भव्य रोड शो किया, जिसमें सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं को जनता के सामने प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर परेड ग्राउंड में एक विशाल आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाकर विकास कार्यों की जानकारी दी।
हर जिले में कार्यक्रम, प्रमुख नेता हुए शामिल
प्रदेश सरकार ने अपने तीन वर्ष पूरे होने पर राज्य के प्रत्येक जिले में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया। इन कार्यक्रमों में सांसद, कैबिनेट मंत्री और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शासन ने इन कार्यक्रमों के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए, जिसमें उन्हें मुख्य अतिथियों को आमंत्रित करने के लिए कहा गया।
सामान्य प्रशासन सचिव विनोद कुमार सुमन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, प्रत्येक जिले में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि रहे, जबकि राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
अन्य जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में निम्नलिखित प्रमुख नेता शामिल हुए:
- पौड़ी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट
- चमोली: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल
- ऊधम सिंह नगर: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
- टिहरी: कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
- रुद्रप्रयाग: कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा
- नैनीताल: सांसद अजय भट्ट
- हरिद्वार: राज्यसभा सदस्य कल्पना सैनी
- उत्तरकाशी: पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक
- चंपावत: पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद तीरथ सिंह रावत
- पिथौरागढ़: विधायक बिशन सिंह चुफाल
- बागेश्वर: विधायक सुरेश गडिय़ा
राज्य की आर्थिक स्थिति पर विशेष योजना तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले 10 वर्षों की वित्तीय स्थिति की विस्तृत योजना बनाई जाए, जिससे राज्य के आय संसाधनों को बढ़ाया जा सके। इसके लिए आर्थिक विकास की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने इस योजना में निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही:
- आर्थिक और सामाजिक विकास
- पर्यावरण संरक्षण
- आधुनिक तकनीक का उपयोग
- पर्यटन एवं तीर्थाटन
- ऊर्जा और कनेक्टिविटी
- उद्योग और कृषि
- ग्रामीण विकास एवं शिक्षा
- स्वास्थ्य एवं कौशल विकास
- सामाजिक कल्याण
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए उत्तराखंड को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। इसके लिए राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक नीति तैयार करने की आवश्यकता है।
डिजिटल गवर्नेंस और राजस्व वृद्धि पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश दिए। उन्होंने बजट प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए डेटा एनालिटिक्स और रिसर्च का उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके साथ ही, राज्य में राजस्व प्राप्ति बढ़ाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए गए:
- कर राजस्व एवं गैर-कर राजस्व को सुदृढ़ करना
- औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना
- डिजिटल कर संग्रह को प्रभावी बनाना
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को प्रोत्साहित करना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस योजना में विशेषज्ञों और आम जनता के सुझाव भी शामिल करने की अपील की, ताकि इसे और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
उत्तराखंड सरकार अपने तीन साल पूरे होने के बाद अब भविष्य की बड़ी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सरकार का लक्ष्य राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है, जिससे यह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।








