ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला पुल के पास बन रहे बजरंग सेतु का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। लोक निर्माण विभाग (एलएनडी) नरेंद्र नगर के अनुसार, सेतु का 75% काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष 25% कार्य को जल्द से जल्द समाप्त करने की योजना बनाई जा रही है। विभाग का दावा है कि अप्रैल के अंत तक पुल को पैदल यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
132 मीटर लंबा और कांच का आकर्षक फुटपाथ
बजरंग सेतु की कुल लंबाई 132 मीटर और चौड़ाई 5 मीटर होगी। पुल के दोनों किनारों पर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा पारदर्शी कांच का फुटपाथ बनाया जा रहा है, जिसकी मोटाई 65 मिलीमीटर होगी। यह सेतु न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि इसकी अद्वितीय वास्तुकला इसे देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाएगी।
केदारनाथ धाम जैसी होगी प्रवेश द्वार की आकृति
सेतु के दोनों छोरों पर केदारनाथ मंदिर की आकृति के विशाल पिलर बनाए जा रहे हैं, जो पुल की भव्यता को और बढ़ाएंगे। पुल का मुख्य ढांचा पहले ही तैयार किया जा चुका है, अब पायदान और अन्य अंतिम कार्यों को पूरा किया जा रहा है। दोनों छोर पर तारें भी लटकाई जा चुकी हैं, जिससे निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बाजार को मिलेगी नई रफ्तार
लक्ष्मण झूला क्षेत्र के व्यापारियों ने बजरंग सेतु के जल्द खुलने पर खुशी जाहिर की है। व्यापारी संजीव वर्मा के अनुसार, सेतु खुलने के बाद यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे व्यापार को नई गति मिलेगी। पिछले पांच वर्षों से मंदी की मार झेल रहे इस क्षेत्र के व्यवसायियों को बजरंग सेतु से उम्मीदें हैं कि यह उनके व्यापार को फिर से संवारने में मदद करेगा।
31 मार्च 2025 तक पूरा होगा अंतिम कार्य
बजरंग सेतु का निर्माण कार्य वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, जिसे पहले जुलाई 2023 तक पूरा करने की योजना थी। बाद में यह अवधि दिसंबर 2024 तक बढ़ाई गई, लेकिन अब इसकी अंतिम समय-सीमा 31 मार्च 2025 तय की गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विजय कुमार ने बताया कि सेतु का शेष 25% कार्य अगले 10 दिनों में पूरा करने की योजना है, ताकि इसे अप्रैल के अंत तक जनता के लिए खोल दिया जाए।
दुनिया के चुनिंदा कांच के पुलों में होगा शामिल
बजरंग सेतु भारत के सबसे अनोखे पुलों में से एक होगा। इसकी कांच की संरचना इसे दुनिया के चुनिंदा पारदर्शी पुलों में शामिल करती है, जिससे यह देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाएगा। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा।
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