उत्तराखंड सरकार ने राज्य की विजिलेंस प्रणाली को अधिक प्रभावी और विशेषज्ञता से परिपूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब विजिलेंस विभाग तकनीकी और वित्तीय मामलों की गहराई से जांच करने में सक्षम हो सकेगा, क्योंकि राज्य कैबिनेट ने इसके ढांचे में 20 नए पदों को शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इससे विजिलेंस में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 132 से बढ़कर 152 हो जाएगी।
इन नए पदों के अंतर्गत सिविल इंजीनियरिंग, लेखा, और वित्त जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को संविदा के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। वहीं, पुलिस विभाग से इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर विजिलेंस में तैनात किया जाएगा। यह पहल विभागों में हो रहे तकनीकी और वित्तीय भ्रष्टाचार की गहराई से जांच करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे जांच में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी।
पिछले वर्षों में विजिलेंस को कई जांचों में तकनीकी पेचीदगियों के चलते बाहरी विशेषज्ञों की सहायता लेनी पड़ी थी, जिससे जांच प्रक्रिया में देरी हुई। इसका लाभ अक्सर आरोपियों को मिल जाता था। अब विभाग के पास अपने विशेषज्ञ होंगे, जिससे ना केवल जांच की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि निर्णय भी सटीक और समयबद्ध हो सकेंगे।
गौरतलब है कि विजिलेंस ने वर्ष 2022 में ही तकनीकी विशेषज्ञों को अपने ढांचे में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब जाकर स्वीकृति मिली है। सरकार के इस फैसले से राज्य में पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
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