अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्ग समाज के स्तंभ हैं, जिनका आशीर्वाद और अनुभव हमेशा अगली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।
प्रदेश में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। वर्तमान में बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, वहीं देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ जिलों में भी वृद्धाश्रम बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में एक आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों की बेहतर देखभाल के लिए ‘जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम’ के तहत इस वर्ष 150 मास्टर ट्रेनर और केयर गिवर तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश में बुजुर्गों को व्यवस्थित व प्रशिक्षित देखभाल मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर अटल वयो अभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में करीब छह लाख बुजुर्गों को पेंशन की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई जा रही है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 1300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी कराने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया और उन्हें ‘वरिष्ठ नागरिक सम्मान संकल्प’ दिलाया। उन्होंने एक विशेष पहल के तहत “एक पेड़ मां के नाम” कार्यक्रम के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। इस मौके पर बुजुर्गों की सेवा के लिए समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन और वॉकथॉन रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।





