अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

सौर मंडल का सबसे रहस्यमयी विशाल ग्रह आज पृथ्वी

On: February 6, 2022 5:09 PM
Follow Us:

[ad_1]

आसमानी हलचल: सौर मंडल का सबसे रहस्यमयी विशाल ग्रह आज पृथ्वी के सर्वाधिक निकट आएगा | 

सितंबर का महीना आकर्षक खगोलीय घटनाओं से भरा रहा है ।अब सौर मंडल का रहस्यमयी और विशाल ग्रह मंगलवार 14 सितंबर को पृथ्वी के सर्वाधिक निकट आ रहा है। दूरबीन की सहायता से  भी इसे देखा जा सकेगा। रात को आकाश में चौथाई चंद्रमा की आभा में नेपच्यून अपने सबसे चमकीले नीले रंग में नजर आएगा।

नेपच्यून सूर्य से सबसे दूरी पर  है, जो पृथ्वी से सर्वाधिक दूर होने पर लगभग 4 अरब 54 करोड़ किमी यानी सूर्य से तीस गुने से भी ज्यादा दूरी पर है। आज यह 24 करोड़ किमी नजदीक पर  आकर 4.3 अरब किमी की दूरी पर होगा। सौर मंडल का यह तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है।  और यह बर्फीला भी होता  है। यहां तापमान माइनस 214 डिग्री सेल्सियस भी रहता है। नेपच्यून के 14 चंद्रमा हैं।

यह भी पढ़े-सावधान: चूहे के काटने से भी हो सकती हैं ये जानलेवा बीमारी,जानिए क्या है ये बीमारी ।

नेपच्यून के पृथ्वी से बेहद दूर होने के कारण इसका सर्वाधिक निकट आना बहुत करीब नहीं कहा जा सकता। नेपच्यून  एक सौरमंडल का एकमात्र ग्रह है, जिसे नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता है। हालांकि, आज (मंगलवार) रात्रि में  साधारण दूरबीन से नेपच्यून को देखा जा सकता है। नेपच्यून मंगलवार को सूर्यास्त के आसपास ही पूर्व से उदय होगा। रात 12 बजे यह आकाश में सर्वोच्च बिंदु पर रहेगा और सुबह पश्चिम में अस्त होगा। 

आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडे ने बताया है  कि नेपच्यून का दिन केवल 16 घंटे का  ही होता है, लेकिन इसका वर्ष पृथ्वी के 165 साल के बराबर का ही  होता है। इसे सूर्य की परिक्रमा करने में 165 पृथ्वी वर्ष लगते हैं। 

अकेला ग्रह जिसकी खोज गणितीय मॉडल से हुई

वर्ष 2006 में जबसे बढे वैज्ञानिकों ने प्लूटो की ग्रह के रूप में मान्यता समाप्त की, तब से नेपच्यून सौर मंडल का सबसे दूर और स्थित ग्रह माना जाता है। इसकी दूरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके प्रकाश को पृथ्वी तक आने में चार घंटे का समय लगता है। सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक आठ मिनट में पहुंचता है। नेपच्यून को सबसे पहले 1613 में गैलीलियो ने देखा था, लेकिन उन्हें लगा कि यह कोई स्टार है। दोबारा उन्हें यह नजर नहीं आया। नग्न आंखों से दिखाई न देने के कारण लंबे समय तक इसकी खोज नहीं हो सकी। 1846 में वेरियर और जोहान गेले ने  इसे देखकर नहीं बल्कि गणितीय मॉडल के आधार पर ही  इसकी खोज की।

16 और 17 को चांद संग शनि का खूबसूरत नजारा
14 सितंबर को नेपच्यून ने पृथ्वी के सर्वाधिक निकट आने के बाद 16 सितंबर को चांद और शनि और फिर 17 सितंबर को चांद और बृहस्पति  के आपस में  बहुत निकट आने के बाद  दर्शनीय नजारा प्रस्तुत करेंगे ।

फेसबुक पर हमसे जुड़ने के लिए  यहां क्लिक करें, साथ ही और भी Hindi News ( हिंदी समाचार ) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें. व्हाट्सएप ग्रुप को जॉइन करने के लिए  यहां क्लिक करें,

Share this story

[ad_2]

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Champawat Development: Infrastructure and development projects underway in Champawat under CM Pushkar Singh Dhami as part of Champawat Development initiatives.

Champawat Development: धामी सरकार के पांच साल, मुख्यमंत्री की विधानसभा चंपावत में विकास को मिली नई रफ्तार!

Government office in Uttarakhand investigating the Fake Income Certificate case involving a teacher accused of declaring ₹6,000 annual income.

Fake Income Certificate: उत्तराखंड में 6 हजार रुपये सालाना आय दिखाने वाले सरकारी शिक्षक की जांच शुरू, फर्जी प्रमाण पत्र पर उठे गंभीर सवाल

​Ketan Agarwal Murder Case Update: खौफनाक साजिश का पर्दाफाश; मर्डर से पहले सिया और चेतन ने पहाड़ी पर की थी धक्का देने की ‘रिहर्सल’

Madarsa Education Authority: Chief Minister Pushkar Singh Dhami launching the Uttarakhand Madarsa Education Authority initiative for monitoring 456 madrasas through the U-DISE system.

उत्तराखंड में बड़ा बदलाव, Madarsa Education Authority के गठन के बाद सभी 456 मदरसे केंद्र और राज्य सरकार की निगरानी में!

​’चंपावत सिर्फ विधानसभा नहीं, मेरी कर्मभूमि और परिवार है’: सीएम धामी ने दी ₹124 करोड़ की 17 विकास योजनाओं की सौगात, विपक्ष पर साधा निशाना

Mussoorie FASTag Eco Tax: Long queues of vehicles in Mussoorie will soon be a thing of the past; Eco Tax and Mall Road entry fees will be paid via FASTag.

Mussoorie Fastag Eco Tax: मसूरी में जल्द खत्म होगी वाहनों की लंबी कतारें, फास्टैग से होगा इको टैक्स और माल रोड एंट्री शुल्क का भुगतान

Leave a Comment