गोपालगंज (बिहार)। बिहार के गोपालगंज जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। जिले के कटेया थाना क्षेत्र के गौरा गांव में एक सनकी पिता ने गुस्से में अपना आपा खोकर अपनी ही 19 वर्षीय जवान बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। हैरान करने वाली बात यह है कि पिता ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए घर में रखे लोहे के ‘टेबल फैन’ (पंखा) का इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
विवाद की जड़: प्रेम प्रसंग और पिता का विरोध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान मोनिका कुमारी (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो स्नातक (B.A.) की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि मोनिका का किसी युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। मोनिका के पिता, जनार्दन कमकर, को यह रिश्ता कतई मंजूर नहीं था। इसी बात को लेकर घर में अक्सर तनाव का माहौल रहता था और बाप-बेटी के बीच आए दिन कहासुनी होती रहती थी।
रविवार की रात भी इसी विषय पर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि जनार्दन कमकर अपना मानसिक संतुलन खो बैठा। उसने आव देखा न ताव, पास ही रखे भारी लोहे के टेबल फैन को उठाया और मोनिका पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया।
बेरहमी की हदें पार: मौके पर ही तोड़ा दम
आरोपी पिता ने अपनी बेटी के सिर और शरीर पर पंखे से इतने जोरदार वार किए कि मोनिका लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। प्रहार इतना घातक था कि छात्रा को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घर के भीतर मची इस चीख-पुकार को सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुँचते, तब तक मोनिका की जीवनलीला समाप्त हो चुकी थी।
एक होनहार छात्रा, जिसका भविष्य अभी संवरना शुरू ही हुआ था, उसका अंत उसके अपने ही पिता के हाथों इतनी क्रूरता से होगा, इसकी कल्पना किसी ग्रामीण ने नहीं की थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: हत्यारा पिता गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पूरे गौरा गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी कटेया थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अवधेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे।
पुलिस की तत्परता का नतीजा रहा कि वारदात को अंजाम देकर भागने की फिराक में लगे आरोपी पिता जनार्दन कमकर को पुलिस ने गांव की सीमा के पास से ही धर दबोचा। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त उस खून से सने लोहे के टेबल फैन को भी साक्ष्य (Evidence) के तौर पर जब्त कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
गांव में मातम और पसरा सन्नाटा
गौरा गांव के निवासी इस घटना से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों के अनुसार, मोनिका एक मेधावी छात्रा थी और अपने सुनहरे भविष्य के सपने देख रही थी। लोगों का कहना है कि प्रेम प्रसंग जैसे सामाजिक मुद्दों को बातचीत से सुलझाया जा सकता था, लेकिन पिता के क्षणिक क्रोध और सनक ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।
अब गांव की गलियों में सन्नाटा है और हर कोई इस ‘ऑनर किलिंग’ जैसी क्रूर वारदात की निंदा कर रहा है। मोनिका की माँ और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि घर का मुखिया ही भक्षक बन जाएगा।
विशेषज्ञ की राय: बढ़ता गुस्सा और कम होती सहनशीलता
समाजशास्त्रियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ती असहनशीलता और संवाद की कमी को दर्शाती हैं। माता-पिता और बच्चों के बीच वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उसे हिंसा के जरिए दबाना एक गंभीर सामाजिक बीमारी है। ‘झूठी शान’ (Honor) के नाम पर अपनों का खून बहाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की भी हत्या है।
कानून का शिकंजा
कटेया पुलिस ने आरोपी जनार्दन कमकर के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की कानूनी तफ्तीश जारी है और आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल, आरोपी पिता पुलिस की हिरासत में है और उसे जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।











