देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, जो अपनी शांति और सौम्य वातावरण के लिए जानी जाती है, वहां बीते 48 घंटों के भीतर सरेराह मारपीट की दो सनसनीखेज वारदातों ने पुलिस प्रशासन की गश्त और मुस्तैदी पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। नेहरू कॉलोनी और राजपुर थाना क्षेत्रों में पुरानी रंजिश के चलते हुए इन हमलों में चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हमलावरों ने धारदार हथियारों, लोहे की रॉड और डंडों का बेखौफ इस्तेमाल किया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
पहली घटना: डिफेंस कॉलोनी में लोहे की रॉड से हमला, दो भाइयों समेत तीन घायल
नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पॉश डिफेंस कॉलोनी उस वक्त अखाड़ा बन गई, जब पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। जानकारी के मुताबिक, यह विवाद 15 मार्च को शुरू हुआ।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित तेजपाल ने नेहरू कॉलोनी थाने में दी गई अपनी तहरीर में बताया कि आरोपी राहुल, क्रिश, पवन और अन्नू पिछले कुछ समय से उनसे रंजिश रख रहे थे। 15 मार्च को इन आरोपियों ने तेजपाल को घेर लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। जब तेजपाल ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लोहे की रॉड और डंडों से हमला बोल दिया।
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घायलों की स्थिति:
- तेजपाल: हमले में तेजपाल का सिर फट गया है और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
- तेजपाल के भाई: जब भाई को पिटता देख छोटा भाई बीच-बचाव करने आया, तो हमलावरों ने उसे भी नहीं बख्शा। हमले में उसकी उंगली टूट गई है।
- विकास (साथी): मारपीट के दौरान विकास नामक युवक को भी गंभीर गुम चोटें आई हैं।
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे उनका परिवार गहरे खौफ में है। नेहरू कॉलोनी पुलिस ने सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दूसरी घटना: आईटी पार्क के पास घेराबंदी कर युवक को पीटा
मारपीट की दूसरी वारदात थाना राजपुर क्षेत्र के धोरन रोड पर घटित हुई। यहाँ अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने मुख्य मार्ग पर ही एक युवक को घेरकर अधमरा कर दिया।
पुरानी रंजिश और हमला:
नेश्विला रोड निवासी अर्नव बब्बर ने पुलिस को बताया कि 14 मार्च की रात जब वह आईटी पार्क के पास धोरन रोड से गुजर रहे थे, तभी पारस चौहान और उसके दर्जनों साथियों ने उनका रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि अर्नव कुछ समझ पाते, आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।
अर्नव के अनुसार, हमलावरों ने उन्हें बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी आंख, सिर और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। आंख के पास आई चोट काफी गहरी बताई जा रही है, जिससे उनकी दृष्टि को लेकर भी चिंता बनी हुई है। राजपुर थाना पुलिस ने अर्नव की तहरीर पर पारस चौहान और उसके साथियों के विरुद्ध जानलेवा हमले का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और बढ़ता अपराध ग्राफ
दोनों ही मामलों में देहरादून पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन स्थानीय निवासियों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि शहर में ‘स्ट्रीट फाइट’ और सरेराह मारपीट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
पुलिस प्रशासन का पक्ष:
नेहरू कॉलोनी और राजपुर थाना प्रभारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि शहर में किसी भी सूरत में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों को भी नामजद किया जाएगा।
सुरक्षा पर उठते सवाल
इन दो घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजधानी की सड़कों पर रात के समय अराजक तत्वों का जमावड़ा बढ़ रहा है। डिफेंस कॉलोनी जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों पर रॉड और हथियारों से हमला होना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में कानून का भय कम होता जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
- पुरानी रंजिश: दोनों ही घटनाओं के पीछे पुरानी दुश्मनी को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
- हथियारों का प्रयोग: लाठी-डंडों के साथ लोहे की रॉड का इस्तेमाल करना आरोपियों की सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है।
- युवाओं की संलिप्तता: मारपीट की इन घटनाओं में शामिल ज्यादातर आरोपी और पीड़ित युवा वर्ग से हैं।
अब देखना यह होगा कि देहरादून पुलिस इन आरोपियों को कितनी जल्दी सलाखों के पीछे भेजती है ताकि शहर में दोबारा शांति व्यवस्था कायम हो सके।






