उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए प्रतीक्षा कर रहे देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उत्साहजनक सूचना सामने आई है। आगामी यात्रा सीजन के दृष्टिगत उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने आज, शुक्रवार से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को विधिवत रूप से प्रारंभ कर दिया है। प्रशासन ने इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की प्रबल संभावना को देखते हुए अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह अपडेट और सुदृढ़ किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी कोने में बैठा यात्री अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए घर बैठे ही बिना किसी तकनीकी बाधा के आसानी से अपना स्लॉट बुक कर सके और अपनी आध्यात्मिक यात्रा को सुव्यवस्थित बना सके।
पर्यटन विभाग द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण की यह महत्वपूर्ण सुविधा शुक्रवार सुबह 7:00 बजे से सक्रिय कर दी गई है। श्रद्धालु अब विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपना पंजीकरण सुरक्षित करा सकते हैं। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि विभाग की तकनीकी टीम ने सर्वर और डेटाबेस की तैयारियों को समय रहते अंतिम रूप दे दिया था। यह इसलिए किया गया ताकि यात्रा के शुरुआती दिनों में जब वेबसाइट पर अचानक ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है, तब भी पोर्टल सुचारू रूप से कार्य करता रहे और किसी भी श्रद्धालु को फॉर्म भरने में असुविधा न हो।
इस वर्ष की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से विधिवत रूप से शुरू होने जा रही है। हिंदू धर्म की महान मान्यताओं और पंचांग के अनुसार तय की गई शुभ तिथियों के आधार पर केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे, जबकि भगवान बदरी विशाल के दर्शन 23 अप्रैल से प्रारंभ होंगे। पर्यटन सचिव ने कड़े निर्देश जारी किए हैं कि यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए पंजीकरण कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के नियमों के तहत, बिना वैध पंजीकरण के किसी भी यात्री को धामों की ओर जाने वाले चेक पोस्ट से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सर्वसुलभ बनाने के लिए श्रद्धालुओं के पास चार प्रमुख डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। वे या तो आधिकारिक पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं या फिर ‘Tourist Care Uttarakhand’ मोबाइल एप डाउनलोड करके अपनी बुकिंग कर सकते हैं। भारतीय श्रद्धालुओं के लिए पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया है, जिसकी जानकारी फॉर्म भरते समय देनी होगी। वहीं, विदेशी पर्यटकों की सुविधा और वैश्विक पहुंच को ध्यान में रखते हुए, उनके लिए ई-मेल आईडी के माध्यम से पंजीकरण करने की विशेष व्यवस्था की गई है।
ऐसे श्रद्धालु जो तकनीकी रूप से बहुत अधिक सक्षम नहीं हैं या जो यात्रा के दौरान मौके पर पहुँचकर ही पंजीकरण कराना चाहते हैं, उनके लिए प्रशासन ने 17 अप्रैल से ऑफलाइन काउंटर खोलने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यात्रा शुरू होने से ठीक दो दिन पहले ये काउंटर ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप, हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान और विकासनगर जैसे प्रमुख प्रवेश द्वारों पर सक्रिय हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सहायता और उनकी शंकाओं के समाधान के लिए विभाग ने एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 भी जारी किया है। यह हेल्पलाइन सेवा 24 घंटे कार्य करेगी, जिससे यात्रियों को मौसम, सड़क की स्थिति और पंजीकरण से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी तत्काल मिल सकेगी।
चारधाम यात्रा न केवल उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र भी है। इसे देखते हुए चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं, निरंतर पेयजल आपूर्ति और यात्रा मार्गों पर चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस बार पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की आशा कर रही है। अंत में, पर्यटन विभाग ने सभी यात्रियों से विनम्र अपील की है कि वे अंतिम समय की आपाधापी और लंबी लाइनों से बचने के लिए समय रहते अपना ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य करा लें ताकि उनकी देवभूमि की यात्रा सुखद और सुरक्षित बनी रहे।
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