मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों और सामाजिक संवेदनाओं को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार, 6 मार्च की सुबह जब पूरा गांव अपने दैनिक कार्यों की शुरुआत कर रहा था, तब संपत्ति के लालच में एक सगे चाचा ने अपने ही भतीजे और भतीजी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पारिवारिक विश्वास और रिश्तों के कत्ल की एक दर्दनाक कहानी है। विडंबना यह है कि दोनों भाई-बहन अपने सुनहरे भविष्य का सपना लेकर घर से परीक्षा देने के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में उनके अपने ही खून के प्यासे बनकर घात लगाए बैठे हैं।
यह पूरी घटना सीहोर जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित सिद्दीकगंज थाना अंतर्गत धरमपुरी गांव की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे शीतल मालवीय, जिसकी उम्र 20 वर्ष थी, और उसका छोटा भाई कुलदीप मालवीय, जिसकी उम्र 19 वर्ष थी, अपने एग्जाम सेंटर के लिए रवाना हुए थे। आरोपियों ने, जिनमें सगा चाचा हरिसिंह मालवीय और उसका बेटा शामिल है, इन दोनों भाई-बहनों को बीच रास्ते में ही रोक लिया। जैसे ही शीतल और कुलदीप वहां पहुंचे, आरोपियों ने उन पर लाठियों और डंडों से अंधाधुंध हमला करना शुरू कर दिया。 हमला इतना अचानक और भीषण था कि दोनों युवाओं को संभलने या भागने का कोई अवसर नहीं मिल सका और गंभीर चोटें आने के कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया。
पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला ने इस मामले में मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस खूनी संघर्ष के पीछे की मुख्य वजह लंबे समय से चला आ रहा जमीन का विवाद है। पीड़ितों के पिता जगदीश मालवीय और मुख्य आरोपी हरिसिंह मालवीय सगे भाई हैं। इन दोनों के बीच पैतृक संपत्ति और जमीन के एक टुकड़े को लेकर काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। घर की यह आपसी कलह इस कदर हिंसक मोड़ ले लेगी, इसकी कल्पना गांव में किसी ने नहीं की थी। हरिसिंह ने जमीन के लालच में अपने ही भाई के जवान बच्चों की जान लेने में रत्ती भर भी संकोच नहीं किया, जिससे आज एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह तबाह हो गया है।
वारदात की सूचना जैसे ही गांव में फैली, वहां मातम और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर सिद्दीकगंज पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हरिसिंह और उसके बेटे को हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के सटीक कारणों और चोटों की प्रकृति का पता लगाया जा सके। गांव में किसी भी संभावित तनाव या अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
मृतक शीतल और कुलदीप की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। 20 और 19 साल की उम्र में वे अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर थे और शिक्षा के माध्यम से अपना भविष्य संवारने की कोशिश कर रहे थे。 ग्रामीणों के अनुसार, दोनों भाई-बहन स्वभाव से बहुत ही मिलनसार और मेहनती थे। यह घटना एक बार फिर समाज के सामने यह कड़वा सच उजागर करती है कि कैसे संपत्ति और भौतिक लालच के आगे खून के रिश्ते फीके पड़ते जा रहे हैं। फिलहाल, जगदीश मालवीय और उनका परिवार इस गहरे सदमे में है और न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू की जांच कर रही है।
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