रुड़की (उत्तराखंड)। देवभूमि के शांत कहे जाने वाले इलाकों में अब अपराध के खौफनाक तरीके सामने आने लगे हैं। रुड़की के सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ महज़ रुपयों के लेनदेन के विवाद में एक युवक का अपहरण कर उसे कार में बंधक बनाया गया और फिर दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए उसके दोनों हाथों की नसें काट दी गईं। हमलावर युवक को मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गए हैं।
विश्वास का जाल और अपहरण की साजिश
घटना की शुरुआत एक सामान्य सी लगने वाली बातचीत से हुई। आदर्शनगर निवासी शिवम सैनी का रुड़की के ही निवासी आशीष धीमान से रुपयों का कुछ पुराना लेनदेन था। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, आशीष ने समझौते और बातचीत के बहाने शिवम को 4 मार्च को रामनगर चौक बुलाया था।
अगले दिन जब शिवम नियत स्थान पर पहुँचा, तो वहाँ आशीष खुद मौजूद नहीं था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति कार लेकर वहाँ पहुँचा और शिवम को झांसा दिया कि उसे आशीष ने ही बातचीत के लिए सोलानी पार्क भेजा है। शिवम उस पर भरोसा कर अपनी बाइक से सोलानी पार्क पहुँच गया, जहाँ पहले से ही घात लगाए बैठे अपराधियों ने अपनी साजिश को अंजाम देना शुरू किया।
कार में मौत का तांडव: गर्दन पर चाकू और बेरहमी से पिटाई
सोलानी पार्क पहुँचते ही स्थिति भयावह हो गई। कार सवार व्यक्ति के साथ तीन-चार अन्य युवक भी वहाँ आ धमके। उन्होंने शिवम को जबरन कार में खींच लिया। चश्मदीदों और पीड़ित के बयान के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने शिवम की गर्दन पर चाकू रख दिया ताकि वह शोर न मचा सके।
इसके बाद अपराधी उसे शहर की सड़कों पर कार में घुमाते रहे और अंदर ही उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। आरोपियों ने युवक पर पत्थरों से भी हमला किया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। पीड़ित ने बताया कि मारपीट के दौरान आरोपी बार-बार आशीष धीमान का नाम ले रहे थे और कह रहे थे कि “आशीष ने उसे ठिकाना लगाने के लिए भेजा है।”
दरिंदगी की पराकाष्ठा: दोनों हाथों की नसें काटीं
अपराधियों का मन महज़ मारपीट से नहीं भरा। उन्होंने शिवम को जान से मारने की नीयत से उसके दोनों हाथों की नसें चाकू से काट दीं। अत्यधिक खून बहने के कारण जब युवक बेसुध होने लगा, तो आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए बीच रास्ते में ही छोड़कर फरार हो गए।
किसी तरह पीड़ित ने अपने परिजनों को घटना की सूचना दी, जिसके बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर उपचार मिलने के कारण युवक की जान तो बच गई है, लेकिन घाव गहरे होने के कारण उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
पुलिसिया कार्रवाई और मुख्य आरोपी पर शक
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य संदिग्ध आशीष धीमान समेत पाँच लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित की हैं।
पुलिस के मुख्य बिंदु:
- लेनदेन का विवाद: प्राथमिक जांच में मामला पैसों की उधारी से जुड़ा बताया जा रहा है।
- नामजद एफआईआर: आशीष धीमान के खिलाफ षडयंत्र रचने और जानलेवा हमला करवाने का केस दर्ज हुआ है।
- फरार आरोपी: कार सवार अज्ञात हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
समाज में बढ़ता आक्रोश
रुड़की जैसे व्यापारिक और शैक्षणिक केंद्र में इस तरह की ‘गैंगस्टर स्टाइल’ वारदात ने स्थानीय निवासियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। दिनदहाड़े अपहरण और फिर अंग-भंग करने जैसी क्रूरता उत्तराखंड की शांत छवि पर एक बड़ा धब्बा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
निष्कर्ष
फिलहाल पुलिस आशीष धीमान की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द हमलावर और उनके पीछे का मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे होगा। लेकिन इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब आपसी विवादों का निपटारा सड़कों पर खून बहाकर किया जाएगा?
ब्यूरो रिपोर्ट, रुड़की






