राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन ने यातायात प्रबंधन और शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर बड़ी पहल शुरू की है। कुठालगेट, साईं मंदिर तिराहा, दिलाराम चौक और ऐतिहासिक घंटाघर का आधुनिकीकरण एवं सुंदरीकरण कार्य अब अंतिम चरण में है। इन परियोजनाओं में सड़क चौड़ीकरण, स्लिप रोड का निर्माण, पारंपरिक पहाड़ी शैली की डिजाइन और सांस्कृतिक धरोहरों को प्रदर्शित करने वाले विशेष आकर्षण शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने लिया प्रगति का जायजा
मंगलवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की गति की समीक्षा की और इन्हें शीघ्र जनता को समर्पित करने के निर्देश दिए। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि बजट प्रबंधन के लिए स्मार्ट सिटी योजना से 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें निर्माण कार्य के साथ तीन वर्षों तक रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
बेहतर यातायात के लिए नई सड़कें और सजावट
कुठालगेट और साईं मंदिर तिराहे पर 10 मीटर चौड़ी दो नई स्लिप रोड बनाई गई हैं, जिससे ट्रैफिक का दबाव घटेगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। दोनों चौराहों पर आकर्षक राउंडअबाउट लाइटिंग और गढ़वाल-कुमाऊं की संस्कृति को दर्शाने वाली कलाकृतियों से सजावट की गई है।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को नया जीवन
इन स्थलों पर राज्य की महान विभूतियों, आंदोलनकारियों और पारंपरिक लोक कला की झलक देखने को मिलेगी। धार्मिक महत्व वाले स्थलों और स्थानीय संस्कृति को थीम आधारित सजावट के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। घंटाघर का सुंदरीकरण भी इसी परियोजना का हिस्सा है, जिसमें पारंपरिक शैली को प्राथमिकता दी गई है।
सुरक्षा और निगरानी में तकनीकी बढ़त
शहर के 11 प्रमुख चौराहों पर नई ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं। साथ ही, पांच वर्षों में पहली बार पुलिस के सीसीटीवी कैमरों को एकीकृत कर लाइव मॉनिटरिंग की सुविधा शुरू की गई है, जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में सुधार होगा।
जिला प्रशासन का दावा है कि इस परियोजना से न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि देहरादून की सांस्कृतिक पहचान को भी एक नया और आकर्षक स्वरूप मिलेगा।
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