देहरादून। भारत ने एक बार फिर अपने पराक्रम और अत्याधुनिक सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के ज़रिए पाकिस्तान के आतंकी ढांचों पर जबरदस्त कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन की जानकारी उत्तराखंड सब एरिया के पूर्व जीओसी मेजर जनरल (सेनि) शम्मी सभवाल ने दी। उनके अनुसार, यह मिशन न केवल रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत की तकनीकी श्रेष्ठता और निर्णायक कार्रवाई का प्रमाण भी है।
मेजर जनरल सभवाल का कहना है कि आज भारत मिसाइल तकनीक में दुनिया के अग्रणी राष्ट्रों की कतार में खड़ा है। ऑपरेशन सिंदूर इसका जीवंत उदाहरण है, जो न केवल व्यापक स्तर पर अंजाम दिया गया, बल्कि पूरी तरह तकनीकी रूप से सशक्त और सटीक था।
बालाकोट से अलग, कहीं अधिक सशक्त
2019 में पुलवामा हमले के जवाब में भारत ने बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें मिराज 2000 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन समय के साथ भारत की सैन्य क्षमताएं कई गुना बढ़ चुकी हैं। अब भारतीय वायुसेना के पास राफेल जैसे उन्नत फाइटर जेट हैं, जो स्कैल्प मिसाइलों से लैस हैं। बालाकोट स्ट्राइक जहां सिर्फ एक आतंकी ठिकाने तक सीमित थी, वहीं ऑपरेशन सिंदूर के तहत नौ अलग-अलग आतंकी ठिकानों को एकसाथ निशाना बनाया गया।
सीमा पार किए बिना भीतर तक प्रहार
इस बार कार्रवाई सिर्फ पीओके तक सीमित नहीं रही, बल्कि पाकिस्तान के मुख्य भूभाग—पंजाब प्रांत—तक भारतीय मिसाइलें दागी गईं। जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के मुख्यालयों को लक्षित किया गया। खास बात यह रही कि यह सब बिना सीमा पार किए किया गया, जो भारत की सटीक मारक क्षमता और रणनीतिक सूझबूझ को दर्शाता है।
सैन्य ताकत में भारत का वर्चस्व
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के अनुसार, भारत सैन्य शक्ति के मामले में पाकिस्तान से कहीं अधिक आगे निकल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अब केवल जुबानी धमकियों तक ही सीमित रह गया है। यूक्रेन को भारी मात्रा में गोला-बारूद बेचने के कारण पाकिस्तान का रणनीतिक भंडार भी कमजोर हो गया है, जिससे उसकी युद्ध क्षमता प्रभावित हुई है।
भारत हर मोर्चे के लिए तैयार
भारत ने हर संभावित चुनौती से निपटने की तैयारी कर रखी है। यदि पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी या सीमित हवाई कार्रवाई जैसे छोटे कदम उठाता है, तो भारत मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूर्णतः तैयार है। और यदि पाकिस्तान कूटनीतिक रास्ता अपनाता है, तो भारत उसकी उस चाल का भी प्रभावी ढंग से सामना करेगा।
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