बर्ड फ्लू की आहट ने दूनवासियों की चिंता बढ़ा दी है। बीमारी के डर से लोग अंडे और चिकन की खरीदारी से परहेज करने लगे हैं, जिसका सीधा असर कारोबार पर दिखने लगा है। शहर में अंडों की मांग आधी रह गई है और चिकन की बिक्री भी काफी कम हो गई है।
व्यापारियों के मुताबिक, जहां पहले दून में रोजाना 8 से 10 हजार अंडों की ट्रे बाहर से मंगाई जाती थी, अब यह संख्या घटकर सिर्फ 4 से 5 हजार ट्रे रह गई है। दून में अंडों का कारोबार लगभग आधा हो चुका है। अंडा व्यापारी संजय चौहान बताते हैं कि पहले जितनी आवक होती थी, उसका आधा ही अब रह गया है।
हालांकि कारोबार और आवक में कमी के बावजूद अंडों के दामों पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। दरअसल, मांग कम होने के साथ ही सप्लाई पर भी प्रतिबंध और कटौती लागू हुई है। ऐसे में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। हां, ऑनलाइन बिक्री में जरूर अंडों के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल लोगों में बर्ड फ्लू का डर ज्यादा है, जिसकी वजह से चिकन और अंडे की खपत घटी है। अगर हालात सामान्य होते हैं तो कारोबार धीरे-धीरे फिर से पटरी पर आ सकता है।






