उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी है। गंगोत्री धाम के समीपवर्ती क्षेत्र धराली में खीर गंगा नदी उफान पर आ गई, जिससे क्षेत्र में भारी बाढ़ आ गई। इस बाढ़ की चपेट में आकर लगभग 20 से 25 होटल और होमस्टे पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मलबे में 10 से 12 मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जिनकी तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि सभी प्रभावितों को सुरक्षित निकाला जाए और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाए।”
उत्तरकाशी पुलिस ने भी जानकारी दी है कि हर्षिल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धराली गांव में खीर गाड़ नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल घटनास्थल पर डटे हुए हैं और लगातार राहत एवं खोजबीन अभियान चला रहे हैं।
स्थानीय निवासी राजेश पंवार ने बताया कि खीर गंगा के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे यह आपदा आई। बाढ़ की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई भवनों को बहा ले गई और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी तत्परता से राहत कार्यों में जुटी हैं और लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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