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उत्तराखंड के पर्वतीय पर्यटन को मिला बड़ा प्रोत्साहन: केंद्र सरकार ने जारी किए 284 करोड़ रुपये

On: December 4, 2025 9:07 AM
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केंद्र सरकार लगातार उत्तराखंड के पर्वतीय पर्यटन को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पर्यटन ढांचे को उन्नत करने और नए पर्यटन स्थलों के विकास के लिए अब तक 284 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्य को उपलब्ध कराई गई है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी साझा की।
लोकसभा में नैनीताल–उधमसिंह नगर के सांसद अजय भट्ट द्वारा पूछे गए अतारांकित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र में पर्वतीय पर्यटन को गति देने के लिए केंद्र द्वारा बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। स्वदेश दर्शन, स्वदेश दर्शन 2.0, प्रसाद, सीबीडीडी और एसएएससीआई जैसी प्रमुख योजनाओं के माध्यम से अब तक हिमालयी राज्यों के लिए कुल 1726.74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 1200.46 करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं।
उत्तराखंड में स्वीकृत प्रमुख परियोजनाएँ
बीते वर्षों में राज्य में कई महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनका उद्देश्य न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि साहसिक और ग्रामीण पर्यटन को भी सुदृढ़ करना है।
• केदारनाथ के एकीकृत विकास के लिए वर्ष 2015-16 में 34.77 करोड़ रुपये जारी किए गए।
• बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रा सुविधाओं के विस्तार हेतु 2018-19 में 56.15 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 38.38 करोड़ रुपये पहले ही प्राप्त हो चुके हैं।
• गंगोत्री–यमुनोत्री धाम के विकास के लिए स्वीकृत 54.36 करोड़ में से 10.5 करोड़ रुपये जारी किए गए।
• वर्ष 2024-25 में ऋषिकेश राफ्टिंग बेस स्टेशन के विकास हेतु 100 करोड़ की राशि में से 66 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए।
इसके अलावा, चंपावत के टी-गार्डन अनुभव, पिथौरागढ़ के गूंजी ग्रामीण पर्यटन क्लस्टर, माणा और जादूंग गांवों में वाइब्रेंट विलेज परियोजना के तहत भी केंद्र ने वित्तीय सहयोग दिया है। इसी तरह कुमाऊं की विरासत परिपथ परियोजना तथा टिहरी झील में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी धनराशि आवंटित की गई है।
इन परियोजनाओं से न केवल पर्यटन सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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