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बड़ी खबर उत्तराखण्ड से जहां न्यायालय अपर जिला सेशन जज (एफटीएससी-पोक्सो) पंकज तोमर की अदालत ने 14 वर्ष की किशोरी से दुष्कर्म करने व उसके गर्भवती होने के मामले में आरोपित को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कठोर कारावास का आदेश दिया है। उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।


बता दे की इस मामले में किशोरी ने बाद में बेटी को भी जन्म दिया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) किशोर कुमार के अनुसार, एक व्यक्ति ने पांच नवंबर 2021 को विकासनगर कोतवाली में तहरीर दी कि उनकी नाबालिग बेटी हाईस्कूल में पढ़ती है। पेट में दर्द होने पर उनकी पत्नी बेटी को चेकअप के लिए धर्मावाला स्थित अस्पताल ले गई, जहां जांच के बाद चिकित्सक ने बताया कि बेटी नौ महीने की गर्भवती है।


वहीं पूछने पर किशोरी ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष से शाहिद निवासी भट्ठा रोड सरायगली, विकासनगर उससे दुष्कर्म कर रहा है। किसी को बताने पर उसने जान से मारने की धमकी दी है। मामले में विकासनगर कोतवाली में आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और छह नवंबर 2021 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


तीन जनवरी 2022 को पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया और 15 मार्च से केस पर ट्रायल शुरू हुआ। कोर्ट में दिए बयानों में पीड़िता ने बताया कि उसकी मुलाकात शाहिद खान से कुछ साल पहले हुई थी। इसके बाद दोनों बातचीत करने लगे। एक दिन आरोपित उसे नहर के किनारे ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपित ने तीन से चार बार उसके साथ दुष्कर्म किया।

दरअसल,छठे महीने में पीड़िता को पता चला कि वह गर्भवती है। जब उसने घटना के बारे में शाहिद को बताया तो उसने विश्वास नहीं किया। पांच नवंबर 2021 को जब उसके पेट में दर्द हुआ तो उसने यह बात अपनी मां को बताई। इसके बाद मां उसे डाक्टर के पास ले गई, जहां पता चला कि वह गर्भवती है। इसके बाद किशोरी ने बेटी को जन्म दिया। पुलिस ने किशोरी, बेटी व आरोपित का डीएनए टेस्ट भी करवाया जो मैच हो गया। इस मामले में आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

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