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उत्तराखंड: UKSSSC भर्ती परीक्षा पेपर लीक; एसएसपी ने बताया—पेपर केवल चुनिंदा लोगों तक पहुंचा, तीन प्रमुख संदिग्ध सामने आए

On: September 22, 2025 6:17 AM
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। रविवार को हुई परीक्षा के बाद देर रात एसएसपी अजय सिंह ने प्रेस वार्ता कर बताया कि जांच में अब तक तीन लोगों की भूमिका सामने आई है। इनमें एक अभ्यर्थी खालिद मलिक, उसकी बहन हीना और एक सहायक प्रोफेसर सुमन शामिल हैं। दोनों महिलाओं से पूछताछ जारी है और उनके खिलाफ रायपुर थाने में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एक ही सेंटर से बाहर आया पेपर, बड़े गैंग की संलिप्तता नहीं

एसएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रश्न पत्र का केवल एक सेट हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से बाहर आया था। यह पेपर किसी बड़े गिरोह के हाथ नहीं लगा बल्कि केवल कुछ लोगों तक ही पहुंचा। इसलिए पूरी परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल नहीं उठते।

खालिद था मुख्य आरोपी, उसी तक पहुंचाए गए प्रश्न

पुलिस के अनुसार, यह पेपर सिर्फ खालिद मलिक तक पहुंचाने के लिए लीक किया गया था। खालिद खुद हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहा था। आशंका है कि उसे परीक्षा के दौरान सवालों के जवाब मुहैया कराने की साजिश रची गई थी।

बहन और प्रोफेसर तक पहुंचा पेपर

जांच में सामने आया है कि परीक्षा केंद्र से प्रश्न पत्र के स्क्रीनशॉट खालिद की बहन हीना तक पहुंचे। इसके बाद हीना ने यह स्क्रीनशॉट सहायक प्रोफेसर सुमन को भेजे और सवालों के जवाब मांगे। सुमन ने जवाब तो भेज दिए, लेकिन बाद में शक होने पर पुलिस से संपर्क साधने की कोशिश करने लगीं।

बॉबी पंवार पर भी लगे आरोप

आरोप है कि इस बीच सुमन ने बॉबी पंवार से बातचीत की। बॉबी ने उन्हें पुलिस के पास जाने से रोक दिया और पेपर लीक के मुद्दे को प्रचारित करने का दबाव बनाया। पुलिस का कहना है कि इस मामले की तीन अहम कड़ियां सामने आ चुकी हैं।

विशेष जांच दल सक्रिय, खालिद की तलाश

इस पूरे मामले में खालिद को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही खालिद को हिरासत में ले लिया जाएगा।

प्रोफेसर सुमन की भूमिका संदिग्ध

एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सहायक प्रोफेसर सुमन अनजाने में इस साजिश का हिस्सा बनीं या फिर जानबूझकर इसमें शामिल हुईं। खालिद की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद इस बिंदु पर तस्वीर साफ होगी।

इस तरह पुलिस ने साफ कर दिया है कि पेपर लीक किसी बड़े गिरोह का काम नहीं बल्कि कुछ व्यक्तियों की संलिप्तता से जुड़ा मामला है। अब आगे की कार्रवाई में मुख्य आरोपी खालिद की गिरफ्तारी अहम मानी जा रही है।

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