Uttarakhand Rain Red Alert: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। Uttarakhand Rain Red Alert के तहत 19 और 20 जुलाई को कई जिलों में अत्यधिक बारिश, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और नदी-नालों के जलस्तर में तेज बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश के जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। कई जिलों में सड़कें बंद हो गई हैं, पहाड़ी इलाकों में मलबा आने की घटनाएं बढ़ी हैं और नदी-नालों के किनारे बसे क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 48 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद संवेदनशील हो सकते हैं।
Uttarakhand Rain Red Alert: किन जिलों में जारी हुआ रेड अलर्ट?
भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) देहरादून के अनुसार Uttarakhand Rain Red Alert के तहत 19 जुलाई को नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में भी कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
20 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ तेज गर्जन, बिजली गिरने और कम समय में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है।
लगातार बारिश से प्रदेश में बिगड़ने लगे हालात
Uttarakhand Rain Red Alert के बीच राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार प्रदेशभर में कुल 58 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक राज्य राजमार्ग, 25 लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कें और 31 पीएमजीएसवाई एवं ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।
सबसे अधिक सड़कें पिथौरागढ़ जिले में बंद हैं, जहां 18 मार्ग बाधित हैं। इसके अलावा पौड़ी में 11, बागेश्वर में 10 और देहरादून में 8 सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर सड़क खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
बारिश के बीच हादसों ने बढ़ाई चिंता
लगातार बारिश के कारण कई दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में डाकपत्थर के पास यमुना नदी में डूबे युवक का शव बरामद किया गया। वहीं ऋषिकेश में गंगा नदी में बह गए 12 वर्षीय बालक का शव भी जल पुलिस ने खोज निकाला।
उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में मलबा गिरने से एक डंपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें चालक घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। कई ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग मलबे की वजह से बाधित हैं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन लगातार मशीनें और राहत दल तैनात किए हुए है।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का बढ़ा खतरा
Uttarakhand Rain Red Alert के दौरान मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। लगातार वर्षा के कारण पहाड़ों से चट्टानें गिरने, भूस्खलन होने और सड़क धंसने जैसी घटनाओं की संभावना काफी बढ़ गई है।
इसके अलावा नदियों और गदेरों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना रहेगा। खराब मौसम के कारण दृश्यता कम होने से पर्वतीय मार्गों पर दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है।
प्रशासन ने सभी जिलों को किया अलर्ट
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी ने बताया कि Uttarakhand Rain Red Alert को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। जहां सड़कें बंद हुई हैं, वहां जेसीबी मशीनों और राहत टीमों को तैनात किया गया है ताकि यातायात जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं को भी सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों के लिए जारी की गई महत्वपूर्ण एडवाइजरी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि Uttarakhand Rain Red Alert के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी-नालों, झरनों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास न जाएं। पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटक मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करें।
यदि किसी क्षेत्र में अत्यधिक बारिश या आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो तुरंत जिला प्रशासन या राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क करें। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी नागरिकों के लिए आवश्यक बताया गया है।
अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले दो दिनों तक लगातार भारी बारिश जारी रहती है तो कई जिलों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। प्रशासन राहत एवं बचाव दलों को पहले से तैयार रखे हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके Uttarakhand Rain Red Alert केवल मौसम संबंधी चेतावनी नहीं है, बल्कि लोगों को सतर्क रहने का संकेत भी है। ऐसे समय में सावधानी, प्रशासनिक निर्देशों का पालन और मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखना ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका होगा।




