उत्तराखंड में पंचायत चुनाव को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य निर्वाचन आयोग तैयारी में जुटा है और जैसे ही सभी प्रक्रियाएं पूरी होंगी, चुनाव की तिथि घोषित कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और ब्लॉक स्तर पर मतदाता सूची तैयार करने का अभियान चल रहा है।
मुख्यमंत्री धामी का दावा है कि आगामी पंचायत चुनावों में भाजपा के प्रत्याशी सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएंगे और जिला पंचायतों में पार्टी को बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी स्तर पर भी चुनाव की तैयारियां जल्द शुरू हो जाएंगी।
त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर 2024 में समाप्त होने के बाद इन्हें छह महीने के लिए प्रशासकों को सौंपा गया था, जो अब मई 2025 में खत्म हो रहा है। लेकिन चुनावी तैयारियों में समय लगने की वजह से संभावना जताई जा रही है कि सरकार प्रशासकों का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ा सकती है। शासन स्तर पर इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो चुका है।
पंचायतीराज सचिव चंद्रेश कुमार ने जानकारी दी कि पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन संबंधी अध्यादेश को राजभवन की मंजूरी मिल चुकी है। अब सरकार ओबीसी आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। 31 मई तक का समय होने के कारण आगे की कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी गई है ताकि तय समय में चुनाव संपन्न कराए जा सकें।






