उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र में उस समय तनाव और नाराजगी फैल गई जब डोसनी गांव निवासी रकीब को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए सेना की जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि रकीब पंजाब के बठिंडा स्थित सैन्य छावनी में सेना की वर्दी सिलने का काम करता था और इसी दौरान वह गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा था।
रकीब की गिरफ्तारी के बाद लक्सर पुलिस ने उसके परिवार के तीन सदस्यों — भाई नाजिम, चचेरे भाई फिरोज और भतीजे शोएब को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की। बुधवार देर शाम तक खुफिया विभाग और पुलिस की टीम ने इन तीनों से लगातार सवाल-जवाब किए। हालांकि, पूछताछ में कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है, लेकिन यह निर्देश दिए गए हैं कि वे लक्सर से बाहर जाने की स्थिति में पुलिस को सूचित करें।
पुलिस इन पर निगरानी बनाए हुए है और हर गतिविधि पर नजर रख रही है। वहीं दूसरी ओर, देश के साथ गद्दारी करने के मामले को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि रकीब ने देश के साथ विश्वासघात किया है और उसका कृत्य राष्ट्रविरोधी है।
लोगों ने आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे देशद्रोही किसी भी प्रकार की रियायत के हकदार नहीं हैं और कानून को कठोर कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे।
पुलिस की सतर्कता और जनता की मांग दोनों इस मामले में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले रकीब को अदालत से क्या सजा मिलती है।
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