उत्तराखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रदेश सरकार और विद्युत नियामक आयोग की ओर से बेहद महत्वपूर्ण राहत का ऐलान हुआ है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने राज्य के लगभग 24 लाख उपभोक्ताओं को फायदा पहुँचाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के अंतर्गत 50.28 करोड़ रुपये का नकारात्मक समायोजन मंजूर किया है। यह राहत सीधे जनवरी के बिजली बिलों में देखने को मिलेगी, जिससे उपभोक्ताओं का आर्थिक बोझ कम होगा।
एफपीपीसीए समायोजन पर आयोग का फैसला
अप्रैल से जून 2024 की तिमाही के लिए यूपीसीएल (UPCL) ने नियामक आयोग के समक्ष एफपीपीसीए की गणना पर आधारित पिटीशन दायर की थी। इस अवधि में वास्तविक बिजली खरीद लागत अनुमानित लागत से कम रही, जिसके आधार पर आयोग ने 50.28 करोड़ रुपये नकारात्मक एफपीपीसीए को मंजूरी दी। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को बिलों में छूट के रूप में प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
दो महीने बाद लागू होगा एफपीपीसीए
आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य विधि अनुराग शर्मा और सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी के अनुसार —
• किसी भी महीने का एफपीपीसीए दो महीने बाद बिजली खपत पर लागू होगा।
उदाहरण: अप्रैल का एफपीपीसीए जून की खपत पर लगेगा और इसका बिल जुलाई में आएगा।
एफपीपीसीए को सार्वजनिक करने के निर्देश
उद्योग उपभोक्ताओं की मांग को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यूपीसीएल को यह भी आदेश दिया है कि—
• हर महीने लागू होने वाला एफपीपीसीए पिछली महीने की 28 तारीख तक यूपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाए।
इससे उपभोक्ताओं और उद्योगों को बिलिंग पारदर्शी ढंग से समझने में सुविधा मिलेगी।
बिजली खरीद दर पर आयोग की सहमति
नियामक आयोग ने यूपीसीएल द्वारा बताई गई औसत स्वीकृत बिजली खरीद दर 5.39 रुपये प्रति यूनिट को भी मंजूरी दी है।
साथ ही आयोग का कहना है कि यूपीसीएल के बिजली खरीद के आँकड़े समय–समय पर बदलते रहते हैं, जिन्हें आने वाले महीनों के एफपीपीसीए में समायोजित किया जाना सही प्रक्रिया है।
27.28 करोड़ की अतिरिक्त वसूली का समायोजन आगे
यूपीसीएल ने आयोग को जानकारी दी कि इस तिमाही में उपभोक्ताओं से 27.28 करोड़ रुपये अधिक वसूले गए हैं। चूंकि अभी संबंधित महीनों के ऑडिट दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इसे अस्थायी रूप से आगे समायोजित करने की अनुमति दी गई है। ऊर्जा निगम को इसका अलग रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जनवरी में दिखेगा राहत का असर
आयोग द्वारा की गई पूरी गणना और विश्लेषण के बाद लिए गए इस निर्णय का सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
जनवरी के बिजली बिलों में 50 करोड़ रुपये से अधिक की राहत उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से दिखाई देगी, जिससे आर्थिक सहूलियत मिलेगी।
— नीरज सती, सचिव, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग
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