उत्तराखंड के मशहूर कार्बेट टाइगर रिज़र्व में अब पर्यटक राजा (बाघ) और गजराज (हाथी) का पूरा दिन दीदार कर सकेंगे। पहली बार यहां फुल डे सफारी शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए प्रस्ताव प्रमुख वन्यजीव कार्यालय को भेजा गया है और वन मुख्यालय इस पर विचार कर रहा है।
फिलहाल कार्बेट में सुबह 6 से 10 बजे और दोपहर 2:30 से शाम 6:30 बजे तक दो शिफ्ट में सफारी उपलब्ध है। इसके अलावा नाइट स्टे की सुविधा भी दी जाती है। लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए प्रबंधन अब सफारी में नए विकल्प जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है।
पूरे दिन की सफारी कैसी होगी?
फुल डे सफारी में पर्यटक सुबह प्रवेश करने के बाद सीधे शाम को ही बाहर निकलेंगे। बीच के समय, जब सफारी बंद रहती है, पर्यटक रिज़र्व के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में आराम कर सकेंगे। यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहद खास होगा, जो जंगल और वन्यजीवों को निहारने के लिए अधिक समय चाहते हैं।
किन ज़ोन में मिलेगी फुल डे सफारी?
कार्बेट टाइगर रिज़र्व के निदेशक साकेत बडोला के अनुसार, यह व्यवस्था शुरू में इन चार ज़ोन में प्रस्तावित है—
• गर्जिया
• बिजरानी
• ढेला
• झिरना
रणथंभौर और तड़ोबा की तरह कार्बेट में भी जल्द फुल डे सफारी लागू की जा सकती है।
टॉवर वॉचिंग की नयी व्यवस्था
ढिकाला ज़ोन में बने वॉच टावरों पर भी अब पर्यटक वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे।
इसके लिए तैयार किए गए SOP के अनुसार—
• टॉवर के चारों ओर सोलर फेंसिंग होगी।
• पर्यटकों के साथ नेचर गाइड अनिवार्य रहेगा।
• खाने-पीने की चीज़ें ले जाने की अनुमति नहीं होगी, केवल पानी ले जा सकेंगे।
• पहली और दूसरी शिफ्ट के बीच का समय टॉवर वॉचिंग के लिए निर्धारित होगा।
• इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
हाथी सफारी भी फिर शुरू हो सकती है
कार्बेट प्रबंधन ने हाथी सफारी पुनः शुरू करने का प्रस्ताव भी भेजा है। यह सुविधा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या हुई बड़ा कारण
कार्बेट और राजाजी टाइगर रिज़र्व में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है:
• 2022–23: 6,58,613 पर्यटक
• 2023–24: 7,17,939 पर्यटक
• 2024–25: 8,08,324 पर्यटक
रिज़र्व के आसपास के क्षेत्रों में वर्ष 2024–25 में लगभग 1000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। यही वजह है कि सफारी को और आकर्षक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।