देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कदम उठा रही है। एनडीए और सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग अब इन बच्चों के लिए सुलभ बनाई जाएगी। इसके तहत उपनल के माध्यम से कोचिंग फीस का 50 फीसदी हिस्सा सरकार वहन करेगी, जबकि 25 फीसदी शुल्क में छूट कोचिंग संस्थानों से बातचीत कर दिलाई जाएगी। शेष 25 फीसदी शुल्क विद्यार्थियों को स्वयं देना होगा।
मंत्री ने कहा कि कई युवा सेना में अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं, लेकिन महंगी कोचिंग फीस उनके सपनों के रास्ते में बाधा बनती है। इस योजना से पूर्व सैनिकों के बच्चे आर्थिक बोझ से मुक्त होकर अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान लगा पाएंगे।
उन्होंने उपनल के प्रबंध निदेशक को इस दिशा में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि कई प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान इस पहल में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर योजना को अमल में लाया जाएगा।
बैठक के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री ने पूर्व सैन्य अधिकारियों से भी संवाद किया और कहा कि निर्माणाधीन सैन्यधाम के निरीक्षण के बाद अपने सुझाव साझा करें। इस पर पूर्व सैन्य अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे मंगलवार को सैन्यधाम का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
बैठक में पूर्व आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. सिंह, मेजर जनरल ओ.पी. सभरवाल, मेजर जनरल सम्मी सभरवाल, मेजर जनरल ए.एस. रावत, मेजर जनरल पी.एस. राणा, मेजर जनरल डी. अग्निहोत्री, उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जे.एन.एस. बिष्ट समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









