देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। पहले जहां उनका राज्य आगमन 11 नवंबर को तय था, वहीं अब वे 9 नवंबर को उत्तराखंड आएंगे। यह दिन राज्य स्थापना दिवस का भी है, इसलिए प्रधानमंत्री का यह दौरा और भी खास माना जा रहा है। रजत जयंती वर्ष यानी राज्य के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे और प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे।
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हुए बदलाव के बाद संपूर्ण आयोजन की रूपरेखा में भी फेरबदल किया है। अब पुलिस लाइन में आयोजित होने वाली रैतिक परेड, जो पहले 9 नवंबर को निर्धारित थी, उसे आगे बढ़ाकर 7 नवंबर को कर दिया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड की सलामी लेंगे।
मुख्य कार्यक्रम 9 नवंबर को देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर एक विशेष पवेलियन तैयार किया जा रहा है, जहां राज्य के सभी विभाग अपनी अब तक की उपलब्धियों और आने वाले वर्षों की योजनाओं का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही, उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाले विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी मंच से राज्य की जनता को संबोधित करेंगे और उत्तराखंड के विकास की दिशा में नई घोषणाएँ करने की संभावना भी जताई जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा 1 नवंबर से लेकर 9 नवंबर तक रजत जयंती समारोह के अंतर्गत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पहले इन आयोजनों का समापन 11 नवंबर को प्रधानमंत्री की उपस्थिति में होना था, लेकिन अब कार्यक्रम का समापन 9 नवंबर को ही प्रधानमंत्री के आगमन के साथ होगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कार्यक्रम में हुए इस बदलाव की आधिकारिक सूचना शासन को भेज दी गई है। इसके बाद मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी इसकी पुष्टि करते हुए अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को बुलाई है। इस बैठक में प्रधानमंत्री के दौरे से जुड़े सभी कार्यक्रमों, सुरक्षा इंतज़ामों और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
राज्य स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को लेकर प्रदेश में उत्साह का माहौल है। सरकार उम्मीद कर रही है कि यह रजत जयंती समारोह उत्तराखंड के लिए नए विकास अध्याय की शुरुआत साबित होगा।





