मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के धराली में आई आपदा के मृतकों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण हेतु 93 लाख रुपये मंजूर किए हैं। खीरगंगा के रास्ते आई बाढ़ ने धराली कस्बे को मलबे में बदल दिया, जिसमें कई लोग लापता हैं और अब तक दो शव बरामद हुए हैं।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला, देहरादून को इस कार्य के लिए आवश्यक उपकरण, रसायन और अन्य कंज्यूमेबल्स की खरीद के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। अधिकारियों ने बताया कि धराली में मलबे में दबे मृत शरीर के अंगों के डीएनए नमूनों का परीक्षण और प्रोफाइल मिलान कर मृतकों की पहचान की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह वही प्रक्रिया है जो जून 2013 में आई केदारनाथ आपदा में अपनाई गई थी। उस समय भी मृतकों की पहचान डीएनए परीक्षण के माध्यम से ही की गई थी।
धराली में आपदा के प्रभाव और राहत कार्य
खीरगंगा के रास्ते आई अचानक बाढ़ ने धराली कस्बे को भारी नुकसान पहुंचाया। मलबे में दबे दो शव बरामद हुए हैं, जबकि अभी भी 67 लोग लापता हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार खोज और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत, सुरक्षित आवास और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएँ।
हरिद्वार और ऋषिकेश में सीवेज नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री धामी ने जर्मनी की वित्तीय संस्था केएफडब्ल्यू से वित्त पोषित योजना के तहत गंगा तट पर बसे हरिद्वार और ऋषिकेश में सीवेज नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
इस योजना का उद्देश्य दोनों शहरों में जल निकासी और सीवेज सिस्टम को आधुनिक बनाना है, जिससे बाढ़ और जलजमाव की समस्याओं को कम किया जा सके।
राज्य के 12 नगर निकायों में देवभूमि रजत जयंती पार्कों का निर्माण
मुख्यमंत्री ने राज्य के 12 नगर निकायों में देवभूमि रजत जयंती पार्कों के निर्माण के लिए 13 करोड़ रुपये जारी करने का प्रस्ताव भी अनुमोदित किया।
इस योजना के तहत शहरों में हरित और सामुदायिक पार्क बनाए जाएंगे, जो नागरिकों के लिए पर्यटन, खेलकूद और मनोरंजन के नए अवसर प्रदान करेंगे।
यह भी पढें- Chamoli : नंदानगर में आपदा पीड़ितों के विस्थापन की जद्दोजहद, मुख्यमंत्री धामी ने किया दौरा*






