अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड की रजत जयंती पर औद्योगिक सफलता की कहानी: 25 साल में 80 हजार उद्योगों की नींव, अर्थव्यवस्था बनी मजबूत

On: October 25, 2025 8:42 AM
Follow Us:

उत्तराखंड राज्य अपने गठन के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है, और नौ नवंबर को प्रदेश में रजत जयंती वर्ष के रूप में यह मील का पत्थर मनाया जाएगा। इन ढाई दशकों में उत्तराखंड ने औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी है। राज्य की धरती पर 80 हजार से अधिक नए उद्योग खड़े हुए, जिससे न सिर्फ पूंजी निवेश में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई बल्कि रोजगार के अवसरों में भी दस गुना उछाल देखने को मिला।

राज्य गठन से पहले उत्तराखंड में उद्योगों की स्थिति बेहद सीमित थी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) इकाइयों की संख्या केवल 14,163 थी, जिनमें लगभग 700 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 38,500 लोगों को रोजगार मिला करता था। मगर 2003 में केंद्र सरकार से विशेष औद्योगिक पैकेज मिलने के बाद उत्तराखंड ने औद्योगिक विकास को गति दी और निवेश का नया गंतव्य बनकर उभरा।

2002 में सिडकुल की स्थापना से शुरू हुई औद्योगिक क्रांति

राज्य में औद्योगिक ढांचा तैयार करने के लिए वर्ष 2002 में राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास निगम (सिडकुल) की स्थापना की गई। इसके बाद राज्य में सात प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए। इस पहल ने निवेशकों को भरोसा दिलाया और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया। वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए औद्योगिक नीतियों में बड़े संशोधन किए हैं। बीते कुछ वर्षों में 30 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं, जिससे उद्योग जगत को नई दिशा मिली है।

17 हजार करोड़ का निवेश और चार लाख से अधिक रोजगार

राज्य गठन के बाद अब तक 80 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जिनमें करीब 17 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इन उद्योगों ने चार लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दिया है। प्रदेश की जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान अब एक-तिहाई हो गया है, जो इसे देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा करता है।

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी का इस औद्योगिक उभार में अहम योगदान रहा। उनके कार्यकाल में उत्तराखंड निवेश के लिए एक पसंदीदा राज्य के रूप में उभरा।

औद्योगिक विकास से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था

औद्योगिक विस्तार से प्रदेश की अर्थव्यवस्था न सिर्फ सशक्त हुई बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़े। उद्योग सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार, “राज्य सरकार औद्योगिक विकास और पारिस्थितिक संतुलन के बीच समन्वय बनाकर आगे बढ़ रही है। सरकार का उद्देश्य है कि देश और विदेश के निवेशक उत्तराखंड को अपनी पहली पसंद बनाएं।”

भविष्य की दिशा: निजी क्षेत्र को भी मिल रही बढ़ावा

प्रदेश सरकार ने हाल ही में निजी औद्योगिक क्षेत्र नीति लागू की है, जिसके तहत निजी बिल्डरों को भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, वैश्विक निवेशक सम्मेलन में राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है।

उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल के अनुसार, “राज्य गठन के बाद उत्तराखंड ने औद्योगिक क्रांति की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। आज राज्य का विनिर्माण क्षेत्र देश के अन्य विकसित राज्यों के बराबर योगदान दे रहा है। भविष्य में राज्य को आईटी और तकनीकी उद्योगों की दिशा में भी फोकस बढ़ाना चाहिए।”

राज्य गठन से पहले और बाद में उद्योगों का परिदृश्य

अवधिकुल उद्योगपूंजी निवेश (करोड़ रुपये में)रोजगार (संख्या में)
राज्य गठन से पहले14,19270038,500
राज्य गठन के बाद75,50046,0004,86,000

उत्तराखंड ने 25 वर्षों में औद्योगिक विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है जिसने राज्य की आर्थिक संरचना को नई मजबूती दी है। अब सरकार की नजर निवेश के नए अवसरों और तकनीकी उद्योगों के विस्तार पर है, ताकि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड ‘औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर’ राज्य बन सके।

यह भी पढ़ें – रूड़की में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से एक की मौत, एक घायल

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

जौलीग्रांट पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया हत्या का आरोपी और घटनास्थल का दृश्य |

जौलीग्रांट में खूनी संघर्ष: आपसी विवाद में पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

चम्पावत पॉलिटेक्निक मैदान जहाँ छात्र को भाला लगा और पुलिस जांच की प्रतीकात्मक तस्वीर |

चम्पावत में खेल के मैदान में पसरा मातम: भाला लगने से पॉलिटेक्निक छात्र की दर्दनाक मौत, परिजनों में कोहराम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा के वाहनों को हरी झंडी दिखाते हुए।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का शंखनाद: सीएम धामी दिखाएंगे वाहनों को हरी झंडी, पंजीकरण केंद्रों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

उत्तराखंड के पहाड़ों में बन रही आधुनिक टनल और झाझरा-मसूरी नया हाईवे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य।

मसूरी का सफर अब मात्र 30 मिनट में: देहरादून को जाम से मिलेगी मुक्ति, नितिन गडकरी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘झाझरा-मसूरी हाईवे’ पर काम तेज

देहरादून के एक मदरसे में जांच करते सरकारी अधिकारी और बैठे हुए छात्र।

देहरादून में अवैध मदरसों पर कसता शिकंजा: बाहरी बच्चों को ‘कट्टर’ बनाने की आशंका, 35 संस्थानों की फाइलें दोबारा खुलीं

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चलती उत्तराखंड परिवहन निगम की वाल्वो बस और नए किराए की सूची।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर रोडवेज का धमाका; कम किराए में लग्जरी सफर, यहाँ देखें बसों की पूरी रेट लिस्ट और टाइम टेबल

Leave a Comment