Uttarakhand-पढ़ाई का सपना लेकर रूस गया युवक, युद्ध में हुई मौत: राकेश की कहानी ने रुलाया - Doonprimenews
अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

Uttarakhand-पढ़ाई का सपना लेकर रूस गया युवक, युद्ध में हुई मौत: राकेश की कहानी ने रुलाया

On: December 18, 2025 8:13 AM
Follow Us:

सितारगंज के राकेश मौर्य (30) पढ़ाई के लिए रूस गए थे, लेकिन वहां उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। परिवार के अनुसार, उन्हें धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया, दस्तावेज जब्त किए गए और उन्हें यूक्रेन के डोनबास युद्धक्षेत्र में भेज दिया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। बुधवार को उनका शव गांव पहुंचा, जिससे घर में मातम छा गया।
सपनों का सफर टूटा
कुशमौठ, शक्तिफार्म निवासी राकेश का सपना साधारण था – अच्छी पढ़ाई, बेहतर भविष्य और परिवार का सहारा बनना। 5 अगस्त को स्टडी वीजा पर रूस गए राकेश वहां पहुंचते ही कठिन परिस्थिति में फंस गए। परिवार का आरोप है कि उनके हाथों से किताबें छीनकर उन्हें सेना में भर्ती कर लिया गया और युद्ध के लिए भेज दिया गया।
अंतिम बातचीत में सामने आई सच्चाई
30 अगस्त को हुई आखिरी बातचीत में राकेश ने परिवार को बताया कि रूसी सेना ने उसका पासपोर्ट और सभी जरूरी दस्तावेज छीन लिए। मोबाइल और लैपटॉप से महत्वपूर्ण ईमेल मिटा दिए गए और रूसी भाषा में दस्तावेजों पर जबरदस्ती हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद उन्हें सैन्य वर्दी पहनाकर ट्रेनिंग और युद्ध के लिए भेज दिया गया।
परिवार की कोशिशें बेकार
राकेश के छोटे भाई दीपू ने बताया कि उन्होंने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से मदद मांगी, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे। कुछ ही दिनों बाद राकेश युद्ध का शिकार हो गए। यूक्रेन में हुए बम-ब्लास्ट में उनकी मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार का मन टूट गया।
सलामती की दुआएं भी नाकाफी
राकेश के पारिवारिक घर में मां की नजरें हर दरवाजे पर टिकी रहती थीं और पिता–भाई हर फोन कॉल में आशा बांधते थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शव के लौटने पर परिवार ने छाती पीटकर सलामती की दुआएं मांगी।
शिक्षा और परिवार
राकेश मूल रूप से गुर्जर पलिया, बदायूं (यूपी) के निवासी थे। परिवार कुछ वर्ष पहले शक्तिफार्म में बस गया था। राकेश ने जीआईसी शक्तिफार्म से प्रारंभिक शिक्षा ली, खटीमा से बीएससी किया और आईटी में डिप्लोमा हासिल किया। तीन भाइयों में वह सबसे बड़े थे। उनका बड़ा भाई बेंगलुरु में नौकरी करता है, जबकि छोटा भाई बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Uttarakhand High Court: No immediate relief for Girdhari Lal Sahu; petition seeking a stay on his arrest and quashing of the FIR referred to another bench.

Uttarakhand High Court: गिरधारी लाल साहू को फिलहाल राहत नहीं, गिरफ्तारी पर रोक और FIR रद्द करने की याचिका दूसरी पीठ को भेजी

Uttarakhand Congress: 'Padayatra' (foot marches) to be held twice a month at the booth level; reports to be submitted monthly an 18-point plan to strengthen the organization.

Uttarakhand Congress: बूथों पर महीने में दो बार पदयात्रा, हर महीने देनी होगी रिपोर्ट; संगठन मजबूत करने के लिए 18 बिंदुओं का प्लान

Uttarakhand: Jail terms for minor offenses to be reduced, fines to be increased; proposal to cut 3-year imprisonment to 2 months.

Uttarakhand: छोटे अपराधों पर घटेगी जेल की सजा, बढ़ेगा जुर्माना; 3 साल की कैद अब 2 महीने करने का प्रस्ताव

उत्तराखंड के ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को मिली ₹231 करोड़ की सौगात: सीएम धामी ने दी बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात

उत्तराखंड में दीपावली से पहले रसोई संकट: e-kyc न होने से 95 हजार गैस कनेक्शन ब्लॉक, बुकिंग बंद

​Harish Rawat 2027 Election: पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बयान, हरिद्वार की खानपुर सीट से चुनाव लड़ने की जताई इच्छा

Leave a Comment