हल्द्वानी। हल्द्वानी, हल्दूचौड़ और लालकुआं क्षेत्र में करीब 10 हजार राशन कार्डों को ई-केवाईसी न होने के चलते रद्द कर दिया गया है, जिससे कार्डधारकों को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से मिलने वाला मुफ्त राशन मिलना बंद हो गया है। खाद्य विभाग की कई बार की अपील और जागरूकता अभियान के बावजूद हजारों लोगों ने निर्धारित समयसीमा में ई-केवाईसी नहीं कराई थी।
अब राशन से वंचित लोग सीएससी केंद्रों और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालयों में ई-केवाईसी के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। विभाग की मानें तो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र परिवारों को गेहूं, चावल मुफ्त और नमक- दाल जैसी आवश्यक वस्तुएं रियायती दर पर दी जाती हैं, मगर ई-केवाईसी अनिवार्य होने के कारण अब बिना सत्यापन के किसी को लाभ नहीं मिलेगा।
हल्द्वानी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी दिव्या पांडे के अनुसार, जिन कार्डधारकों ने ई-केवाईसी नहीं कराई थी, उनके राशन कार्ड सिस्टम से डिलीट कर दिए गए हैं। अब प्रतिदिन 30 से 40 लोग रामपुर रोड स्थित खाद्य विभाग कार्यालय में ई-केवाईसी कराने पहुंच रहे हैं।
आचार संहिता हटने के बाद फिर शुरू हुआ नमक और दाल वितरण
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की वजह से ग्रामीण इलाकों में लगी आचार संहिता के चलते मुख्यमंत्री नमक और दाल योजना के तहत वितरण पर रोक लगाई गई थी क्योंकि पैकेटों पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरें छपी होती हैं। साथ ही नए राशन कार्ड बनना भी रोक दिए गए थे।
अब आचार संहिता हटने के बाद पूर्ति विभाग ने सभी राशन डीलरों को नमक और दाल के वितरण के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी फिर से शुरू हो गई है। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने बताया कि मुख्यमंत्री नमक और दाल पोषित योजना के तहत दोबारा से वितरण शुरू कर दिया गया है।
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