उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली गांव में सोमवार देर रात खीरगंगा नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में करीब 20 से 25 होटल और होमस्टे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, 10 से 12 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि खीरगंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से अचानक पानी का स्तर बढ़ा और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र जलप्रलय की चपेट में आ गया। स्थानीय निवासी राजेश पंवार ने बताया कि बाढ़ का कारण ऊपरी इलाकों में बादल फटना बताया जा रहा है।
बाढ़ के चलते धराली बाजार क्षेत्र में कई होटल व दुकानों में मलबा घुस गया है, जिससे भारी नुकसान हुआ है। खीरगंगा के पार बसे कई घरों में लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए सेना, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर रवाना हो चुकी हैं।
इस बीच, उत्तरकाशी जिले के बड़कोट तहसील के बनाल पट्टी क्षेत्र में भारी बारिश से करीब डेढ़ दर्जन बकरियां कुड गदेरे में बह गईं। गदेरे के उफान पर आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
मौसम विभाग ने 10 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के निदेशक डॉ. रोहित थपलियाल के अनुसार, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं। हालात को देखते हुए देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार जिलों में मंगलवार को सभी स्कूल बंद रखे गए हैं।
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