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उत्तरकाशी आपदा: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर, धराली में तैनात किए गए मनोचिकित्सक, देहरादून-ऋषिकेश में ICU बेड रिजर्व

On: August 6, 2025 6:34 AM
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देहरादून। उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में हाल ही में बादल फटने से हुई भीषण आपदा के बाद राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्कता की स्थिति में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद आपदा प्रबंधन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी विशेष रूप से सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में घायलों और प्रभावितों को त्वरित और प्रभावी इलाज मिल सके।

आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं तैयार
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि देहरादून और ऋषिकेश समेत राज्य के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त संख्या में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। विशेष रूप से आईसीयू बेड्स और जनरल वार्ड की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। प्रमुख अस्पतालों में उपलब्ध बेड की स्थिति इस प्रकार है:

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, देहरादून:
150 जनरल बेड | 50 ICU बेड

कोरोनेशन जिला चिकित्सालय, देहरादून:
80 जनरल बेड | 20 ICU बेड

एम्स, ऋषिकेश:
50 जनरल बेड | 20 ICU बेड

इन अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल टीम और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है।

मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
आपदा के मानसिक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रभावितों की मानसिक स्थिति को संभालने के लिए विशेष रूप से तीन मनोचिकित्सकों की टीम को धराली भेजा गया है। ये विशेषज्ञ स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों से संवाद करेंगे और उन्हें काउंसलिंग व मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करेंगे।

स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि ऐसी आपदाओं के बाद अवसाद, घबराहट और तनाव जैसी मानसिक चुनौतियां आम होती हैं। सरकार का उद्देश्य है कि केवल शारीरिक उपचार ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित लोगों को सहारा दिया जाए।

राज्यभर में हेल्थ इमरजेंसी अलर्ट
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और आपदा रिस्पॉन्स टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेस्पॉन्स सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि एक भी घायल या ज़रूरतमंद व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग हर परिस्थिति के लिए तैयार है और राहत कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा हुआ है।

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