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केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने आगामी चारधाम यात्रा के सुचारू प्रबंधन के लिए एक समिति का गठन करने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सहित कई महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित थे। गृह सचिव ने यात्रा मार्गों और ठहराव स्थलों पर यात्रियों की रिपोर्ट प्रतिदिन गृह मंत्रालय को भेजने के भी निर्देश दिए हैं। इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिनका उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 31 मई तक चारधाम यात्रा के ऑफलाइन पंजीकरण पर रोक लगाई जाएगी। इसके पीछे का मुख्य कारण बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार ने यात्रियों के पंजीकरण के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड का 24 घंटे संचालित होने वाला काल सेंटर स्थापित किया है। पंजीकृत यात्रियों की जांच बड़कोट, हीना, सोनप्रयाग और पांडुकेश्वर में की जा रही है।गृह सचिव ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्गों और ठहराव स्थलों पर यात्रियों की रिपोर्ट प्रतिदिन गृह मंत्रालय को भेजी जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यात्रा प्रबंधन पर कड़ी निगरानी और पंजीकरण व टोकन सिस्टम का कड़ाई से अनुपालन कराने पर जोर दिया। इस वर्ष यात्रा में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के पर्यटकों की संख्या अधिक है। इनके मुख्य सचिवों को पत्र के माध्यम से और व्यक्तिगत रूप से भी अनुरोध किया गया है कि यात्री पंजीकरण के बाद ही चारधाम यात्रा पर आएं।

यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए, गृह सचिव ने आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ और आईटीबीपी की तैनाती की भी बात की है। इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में डेढ़ गुना से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जिसके कारण भीड़ प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है। मंदिर परिसरों में पंक्ति में लगे श्रद्धालुओं के टोकन पर मुहर लगाकर धामों के दर्शनों की व्यवस्था की गई है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि राज्य में चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। परिवहन विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी गई। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर और अरविंद सिंह ह्यांकी भी बैठक में उपस्थित थे और उन्होंने अपने-अपने विभागों की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

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केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन को हर संभव सहायता और सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक के बाद, यह स्पष्ट है कि सरकार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एनडीआरएफ और आईटीबीपी की तैनाती जैसे कदम इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। भविष्य में गठित होने वाली समिति यात्रा प्रबंधन रणनीति के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

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