संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कठघरे में खड़ा किया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद की खुली चर्चा के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत ने लंबे समय से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सामना किया है, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण 26/11 के मुंबई हमले से लेकर हाल ही में पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की नृशंस हत्या तक है।
राजदूत हरीश ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए आतंकवाद का सबसे अधिक शिकार आम नागरिक हुए हैं। यह आतंकवाद न सिर्फ जान-माल की हानि करता है, बल्कि भारत की सामाजिक और आर्थिक प्रगति पर भी कुठाराघात करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश का अंतरराष्ट्रीय मंच पर नागरिकों की सुरक्षा पर भाषण देना, पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का अपमान है।
पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुआ आतंकवादी हमला दर्शाता है कि आतंक की साजिशें आज भी जीवित हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लगातार चुनौती दे रही हैं इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया और 6 मई की रात पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर तथा पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी शिविरों को सटीक हमलों में तबाह कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, जिससे दोनों देशों के बीच हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए।भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई समझौता नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा।
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