उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। हरिद्वार में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं ग्राम्य विकास विभाग अभिकरण के परियोजना निदेशक केएन तिवारी और टिहरी के अगरोड़ा डिग्री कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को निलंबित किया गया है।
इस प्रकरण का खुलासा 21 सितंबर को हरिद्वार के परीक्षा केंद्र आदर्श बाल इंटर कालेज से हुआ था। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित खालिद और उसकी बहन साबिया इस घोटाले में शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
इस गंभीर मामले की जांच एसआइटी कर रही है, जो हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कार्यरत है। जांच रिपोर्ट एक महीने के भीतर शासन को सौंपने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों और छात्रों के बीच बढ़ते अविश्वास के बीच यह मामला राज्य में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।






