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UKSSSC Paper Leak Case: ईडी का बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड हाकम सिंह की 63.30 लाख की संपत्तियां अटैच!

On: August 1, 2026 1:48 PM
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ED attaches properties worth ₹63.30 lakh of Hakam Singh in the UKSSSC Paper Leak Case under the Prevention of Money Laundering Act (PMLA).

UKSSSC Paper Leak Case में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मास्टरमाइंड हाकम सिंह रावत की करीब 63.30 लाख रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी का दावा है कि ये संपत्तियां भर्ती परीक्षा में पेपर लीक से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई थीं। एजेंसी की इस कार्रवाई ने लंबे समय से चर्चा में रहे UKSSSC Paper Leak Case को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

पेपर लीक से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक पहुंची जांच

UKSSSC Paper Leak Case की शुरुआत उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा-2021 में पेपर लीक के आरोपों से हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि परीक्षा की गोपनीयता भंग कर कुछ अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहले ही पहुंचा दिए गए थे। इसके बदले मोटी रकम वसूले जाने का आरोप लगा।

बाद में जब मामले की जांच आर्थिक पहलुओं तक पहुंची तो प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की। एजेंसी के अनुसार, भर्ती परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं से अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने का प्रयास किया गया। इसी आधार पर ईडी ने PMLA के तहत कार्रवाई शुरू की।

ईडी का दावा: अवैध कमाई से खरीदी गईं संपत्तियां

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि हाकम सिंह रावत ने कथित रूप से RMS Techno Solutions Private Limited के कुछ कर्मचारियों, परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और अन्य बिचौलियों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था। आरोप है कि इस नेटवर्क के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक किए गए और अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूली गई।

ईडी का कहना है कि इसी कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। इसी आधार पर करीब 63.30 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है। एजेंसी का मानना है कि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) की श्रेणी में आती हैं।

95 लाख रुपये की कथित अवैध कमाई का खुलासा

वित्तीय जांच के दौरान ईडी ने दावा किया कि UKSSSC Paper Leak Case में हाकम सिंह रावत ने लगभग 95 लाख रुपये की कथित अवैध कमाई की। जांच के दौरान बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा होने के प्रमाण मिले।

एजेंसी के अनुसार, इस धन के स्रोत को वैध दिखाने के लिए आयकर रिटर्न में कृषि आय दर्शाई गई थी। हालांकि, जांच में कृषि गतिविधियों से जुड़े दावों की पुष्टि नहीं हो सकी। इसी कारण ईडी को संदेह हुआ कि कथित अवैध धन को वैध आय के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई।

14 ठिकानों पर छापेमारी, कई अहम दस्तावेज बरामद

जांच को आगे बढ़ाते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने विभिन्न जिलों में 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान डिजिटल उपकरण, बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई।

ईडी का कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझने की कोशिश की जा रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा उनकी भूमिका क्या थी।

2016 और 2021 की भर्ती परीक्षाएं भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसी के अनुसार मामला केवल वर्ष 2021 की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं है। UKSSSC Paper Leak Case की जांच के दौरान वर्ष 2016 और 2021 की अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।

जांच में ओएमआर शीट में कथित छेड़छाड़, गोपनीय प्रश्नपत्र लीक करने और कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।

विशेष अदालत में पहले ही दाखिल हो चुकी है अभियोजन शिकायत

प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि इस मामले में विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में पहले ही अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की जा चुकी है। शिकायत में RMS Techno Solutions Private Limited के कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और अन्य आरोपियों का उल्लेख किया गया है।

अब अदालत में मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और जांच एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगी।

भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल

UKSSSC Paper Leak Case ने एक बार फिर सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य पर सीधा असर डालती हैं और भर्ती प्रणाली पर भरोसा कमजोर करती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने, डिजिटल निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

जांच अभी जारी, सामने आ सकते हैं नए तथ्य

प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि UKSSSC Paper Leak Case की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। एजेंसी वित्तीय लेनदेन, अन्य संदिग्धों की भूमिका और संपत्तियों के स्रोत की जांच जारी रखे हुए है। आने वाले समय में जांच के आधार पर और भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

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