पौड़ी जिले के पोखड़ा ब्लॉक के बगड़ीगाड़ गांव में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक घटना घटी। गांव की 65 वर्षीय रानी देवी पत्नी रमेश चंद्र पर उस समय गुलदार ने हमला कर दिया जब वह खेतों के पास मवेशियों के लिए चारा काट रही थीं। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, रानी देवी अपनी बहू सपना के साथ चारापत्ती लेने खेतों की ओर गई थीं। दोपहर करीब एक बजे सपना घर लौट आई, जबकि रानी देवी खेत में ही रह गईं। इसी दौरान गुलदार ने अचानक उन पर हमला किया और उन्हें घसीटते हुए करीब 50 मीटर दूर झाड़ियों में ले गया। जब रानी देवी देर तक घर नहीं लौटीं, तो सपना अपने बेटे कार्तिक के साथ उनकी तलाश में निकली। इस दौरान गुलदार ने कार्तिक पर भी झपटने की कोशिश की, लेकिन आसपास के लोगों के शोर मचाने पर वह जंगल की ओर भाग गया।
कुछ देर बाद ग्रामीणों ने तलाश के दौरान झाड़ियों में रानी देवी का अधखाया शव बरामद किया। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन लोगों का आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार सक्रिय हैं, जिसकी शिकायत कई बार विभाग को दी गई, बावजूद इसके न तो गश्त बढ़ाई गई और न ही पिंजरे लगाए गए। ग्रामीणों ने मांग की कि गुलदार को तत्काल आदमखोर घोषित कर उसे मार गिराया जाए। मृतका के बेटे राकेश कुमार ने चेतावनी दी कि जब तक गुलदार को आदमखोर घोषित नहीं किया जाता, वे शव को उठाने नहीं देंगे।
बता दें कि नौ नवंबर को भी बगड़ीगाड़ क्षेत्र के अलखेतू तोक में गुलदार ने एक महिला सावित्री देवी पर हमला किया था, जिसमें वह घायल हो गई थीं। उस समय भी ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने की मांग की थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और नाराजगी दोनों ही माहौल हैं। वहीं, राज्य के लोक निर्माण मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने मृतका के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभागीय वनाधिकारी को तत्काल मुआवजा देने और हमलावर बाघ को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के निर्देश दिए हैं।






