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“सैलानियों की उत्सुकता खत्म होने को,ऋषिकेश में गंगा राफ्टिंग का रोमांच 27 सितंबर से फिर शुरू

On: September 24, 2025 2:48 PM
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ऋषिकेश में गंगा नदी राफ्टिंग का इंतजार खत्म होने जा रहा है। गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति ने 27 सितंबर से राफ्टिंग फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। मानसून की तेज बारिश और गंगा के बढ़ते जल स्तर के कारण 24 जून को राफ्टिंग पर रोक लगाई गई थी। पिछले सीजन में लगभग 2,64,379 पर्यटकों ने गंगा में राफ्टिंग का रोमांच अनुभव किया था, और इस बार भी पर्यटन विभाग इसे सुरक्षित और रोमांचक बनाने के लिए पूरी तैयारी में है।

जल स्तर और सुरक्षा उपाय

गंगा का वर्तमान जल स्तर 337.50 मीटर है। ऋषिकेश में खतरे का निशान 340.50 मीटर और चेतावनी निशान 339.50 मीटर निर्धारित है। गंगा का जल अभी मटमैला है, लेकिन बारिश थमने के बाद स्थिति स्थिर हुई है।
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राफ्टों के साथ कयाक भी तैनात रहेंगे। जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी ने बताया कि यदि किसी राफ्ट के पलटने की स्थिति आती है तो कयाकर तुरंत बचाव कार्य शुरू कर सकते हैं। रैपिड क्षेत्रों में राफ्ट पलटने का खतरा रहता है, इसलिए यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

संचालन और रूट की जानकारी

गंगा नदी में देवप्रयाग से मुनिकीरेती तक कुल 576 राफ्टों के संचालन की अनुमति है। वर्तमान में 263 कंपनियों की 560 राफ्ट चल रही हैं। कुछ कंपनियों का सुरक्षा संबंधी मामला चल रहा है, इसलिए सभी राफ्टों का संचालन फिलहाल अनुमति के अनुसार नहीं हो रहा है।
मुख्य राफ्टिंग रूट और खारास्रोत तक की दूरी इस प्रकार है:

ब्रह्मपुरी: 6 किलोमीटर

गोल्फ कोर्स: 8 किलोमीटर

शिवपुरी: 18 किलोमीटर

मरीन ड्राइव: 24 किलोमीटर

तकनीकी समिति और मंजूरी

गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति की तकनीकी टीम ने गंगा का जल स्तर और सुरक्षा का आकलन किया। इसमें पर्यटन विभाग, वन विभाग, ITBP और राफ्टिंग कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। जल स्तर में सुधार और सुरक्षा के दृष्टिकोण से 27 सितंबर से राफ्टिंग शुरू करने की अनुमति दी गई।
पिछले साल राफ्टिंग का सीजन 23 सितंबर से शुरू होकर 23 जून तक चला था। इस बार मानसून जल्दी आने और जल स्तर बढ़ने के कारण पहले ही राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी।

पर्यटकों के लिए सलाह

राफ्टिंग का अनुभव लेने वाले पर्यटक पहले से बुकिंग कर लें।

जीवनरक्षक जैकेट और हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

रैपिड क्षेत्रों में सावधानी बरतें और कयाकर के निर्देशों का पालन करें।

बारिश या गंगा का जल स्तर बढ़ने की स्थिति में राफ्टिंग को तुरंत रोक दिया जा सकता है।

गंगा नदी में राफ्टिंग का रोमांच अब फिर से लौट रहा है, और यह अवसर साहसिक पर्यटन के शौकीनों के लिए यादगार साबित होने वाला है।

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